कोरोना महामारी के चलते इंसानियत को खत्म करने वाले अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं। हाल ये है कि इस बुरे वक्त में अपने ही अपनों का साथ छोड़ रहे हैं। मेरठ में भी एक ऐसा मामला सामने आया है।
बेबसी: अपने छोड़ रहे साथ, मां की अर्थी उठवाने के लिए बुलाने पड़े मजदूर, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें
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जवाहर नगर निवासी एक युवक की मां की बीमारी के चलते मौत हो गई। उसने रिश्तेदारों को फोन किया, लेकिन कंधा देने के लिए कोई नहीं आया। युवक और उसके भाई को मां की अर्थी उठवाने के लिए 500 रुपये देकर दो मजदूर करने पड़े।
सूरजकुंड श्मशान घाट में बुधवार को 30 मिनट के अंतराल में 28 शव पहुंचे। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद अंतिम संस्कार का नंबर आ रहा है। श्मशान पर अब प्लेटफार्म से ज्यादा सड़क पर शव जल रहे हैं।
वहीं रोडवेज स्थित गंगा मोटर कमेटी के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार शाम 5:00 बजे तक 90 लोगों के अंतिम संस्कार के लिए सामान खरीदा गया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बच्चे और बड़े सभी का सामान शामिल था।
सूरजकुंड श्मशान घाट में वर्तमान समय में अर्ध रात्रि तक अंतिम संस्कार का कार्य किया जा रहा है। बुधवार को शाम पांच बजे तक 55 मृतकों का सूरजकुंड श्मशान में अंतिम संस्कार हो चुका था।
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