मेरठ के लिसाड़ीगेट में सालों से अवैध असलहे बनाने वालों का अड्डा बना है। दिल्ली पुलिस यहां से कई बार अवैध असलहे बरामद कर ले जा चुकी है, लेकिन मेरठ पुलिस कभी दबिश डालने की भी हिम्मत नहीं कर पाई। सोमवार को भी दिल्ली पुलिस ने एक अवैध असलहा फैक्टरी पकड़ी। ऐसे में मेरठ पुलिस की खासी किरकिरी हुई। इस पर एडीजी और आईजी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अवैध असलहे बनाने वाली फैक्टरियों की तलाश में अभियान चलाने के निर्देश दिए।
ऐसे खुली मेरठ पुलिस की पोल, किरकिरी होने पर एडीजी नाराज, अफसरों को दिए सख्त निर्देश
दिल्ली की स्पेशल सेल ने लिसाड़ीगेट के हुमांयुनगर में छापा मारकर अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। 50 पिस्टल के साथ नूर हसन को गिरफ्तार करके दिल्ली ले गई। मेरठ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नूर हसन ने बताया है कि लिसाड़ीगेट में कई फैक्टरियां चल रही हैं। इससे मेरठ पुलिस की कार्यशैली की पोल खुल गई। लिसाड़ीगेट अपराधियों का गढ़ है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को यहां हिंसा हुई। गोलियां चलीं। इसमें छह लोगों की मौत तक हो गई। पकड़े गए उपद्रवियों ने खुलासा किया था कि उन्हें लिसाड़ीगेट से ही हथियार मिले। इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं हुई। मंगलवार मेरठ से पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई, जो आरोपी से पूछताछ करेगी।
नहीं सतर्क हुई पुलिस
लिसाड़ीगेट अवैध हथियार की खान है। यहां से दिल्ली और एनसीआर समेत कई जिलों में सप्लाई होती है। अवैध असलहों को तैयार कर गहरी साजिश रची जा रही है। इसके बावजूद पुलिस सतर्क नहीं हुई। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन से जुड़े लोगों ने भी उपद्रव में असलहे बांटे थे।
अवैध असलहे बनाने वाली फैक्टरियां लिसाड़ीगेट में चल रही हैं। इसको लेकर पुलिस गंभीर है। पुलिस अभियान चलाकर हथियार सप्लायरों की धड़पकड़ करेगी। - प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ रेंज
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