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कॉल रिकॉर्डिंग से खुला कत्ल का राज, हत्यारे ने कबूला जुर्म, ऐसे रची थी खौफनाक साजिश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 21 Jan 2020 09:37 PM IST
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Police is revealing a trader murder case in Muzaffarnagar district of Uttar Pradesh
पुलिस ने हत्या का खुलासा कर दिया - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर शहर में पुलिस ने व्यापारी की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मोबाइल कॉल की रिकॉर्डिंग की आवाज का मिलान कर हत्या का राज खोला है। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-

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Police is revealing a trader murder case in Muzaffarnagar district of Uttar Pradesh
वारदात के बाद हुआ था हंगामा - फोटो : अमर उजाला

गोली मारकर की गई थी हत्या
फुगाना क्षेत्र के गांव जोगियाखेड़ा निवासी मुर्गी दाना सप्लायर राफे खां की 17 जनवरी को गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। व्यापारी की हत्या उसी के साथी ने कुछ लोगों के साथ लेनदेन के विवाद में कराई थी। उसे पांच गोलियां मारी गईं थीं।

पुलिस लाइन स्थित सभागार में मंगलवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए एसपी देहात नेपाल सिंह ने राफे खां हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। एसपी देहात ने बताया कि फुगाना थाना क्षेत्र के गांव जोगियाखेड़ा निवासी राफे खां पुत्र दोस्त मोहम्मद की 17 जनवरी की देर रात बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर परासौली बस स्टैंड के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राफे खां मुर्गी बच्चा व मुर्गी दाना सप्लाई का काम करता था, जिसे बुढ़ाना से लौटते समय बोलेरो सवार लोगों ने ओवरटेक कर रोकने के बाद गोलियों से भून दिया था।

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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

एसपी देहात ने बताया कि घटना के समय राफे खां के साथ उसका साझीदार दिलशाद पुत्र इकबाल निवासी जोगियाखेड़ा भी मौजूद था। उसे हिरासत में लिया गया तो पूरी वारदात का खुलासा हो गया।
 
एसपी देहात ने बताया कि राफे खां व दिलशाद साझे में कारोबार करते थे, जिसमें उन्हें 20 लाख से अधिक का नुकसान हो गया था। उक्त धनराशि देने से बचने के लिए ही दिलशाद ने अपने सगे भाई काला के साथ ही अकरम पुत्र आस मोहम्मद व महताब पुत्र इशफाक निवासीगण गांव जौला और गांव नीमखेड़ी निवासी शाहिद व शौकेंद्र को अपने साथ मिलाकर साजिश के तहत 17 जनवरी को राफे खां की हत्या कर दी। घटना में शाहिद की बोलेरो का इस्तेमाल किया गया था। 

वहीं पुलिस ने दिलशाद से पूछताछ के बाद अकरम व इशफाक को भी गिरफ्तार कर लिया, जिनके कब्जे से तीन तमंचे-कारतूस भी बरामद किए गए हैं। एसपी देहात ने घटना का खुलासा करने पर फुगाना इंस्पेक्टर संजीव सिंह की हौसलाअफजाई भी की। आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

मोबाइल कॉल से खुला राज

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जांच करने पहुंची थी पुलिस - फोटो : अमर उजाला

वारदात के समय व्यापारी द्वारा की गई बातचीत मोबाइल कॉल में रिकॉर्ड हो गई थी। पुलिस ने मोबाइल कॉल में कैद आवाज का मिलान किया, तो दिलशाद का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर वारदात का खुलासा कर दिया।

गांव जोगियाखेड़ा निवासी राफे खां पुत्र दोस्त मोहम्मद पोल्ट्री फार्मों में मुर्गी बच्चा व मुर्गी दाना सप्लाई करता था। 17 जनवरी को वह दिलशाद के साथ बुलेट से बुढ़ाना से घर लौट रहा था। पुलिस के मुताबिक घटना को जिस समय अंजाम दिया गया, उससे पहले राफे खां पानीपत के एक व्यापारी से मोबाइल पर बात कर रहा था, जिसका बाइक पर पीछे बैठे दिलशाद ने घटना को अंजाम देते समय ध्यान नहीं दिया। ऐसे में कॉल चलती रही और पूरी वारदात राफे खां के मोबाइल में रिकॉर्ड होने के साथ ही दूसरी ओर बात कर रहा पानीपत का व्यापारी भी सुनता रहा। पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की तो पानीपत का व्यापारी सामने आया, जिसके बाद राफे खां व व्यापारी के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग सुनकर उसमें कैद आवाजों का मिलान किया गया। इनमें से एक आवाज दिलशाद की पाई गई।

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घटना के बाद लोगों ने किया था हंगामा - फोटो : अमर उजाला

एसपी देहात नेपाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में दिलशाद ने घटना के समय खुद को राफे खां से करीब आधा किलोमीटर दूर होना बताया, जबकि उसकी आवाज कॉल रिकॉर्डिंग में कैद मिली। शक होने पर उसे पकड़ा गया तो उसने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।

रुपये लौटाने नहीं पड़े तो इसलिए कर दी हत्या
इंस्पेक्टर फुगाना संजीव कुमार ने बताया कि राफे खां व दिलशाद साझीदार थे, लेकिन इसमें पैसा राफे खां का लगा हुआ था। ऐसे में जब कारोबार में नुकसान हुआ तो दिलशाद की तरफ राफे खां के करीब 20 लाख रुपये निकले। राफे खां ने उन रुपयों का तकादा किया तो दिलशाद ने उसे रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया। वारदात में प्रयुक्त कार गांव नीमखेड़ी निवासी शाहिद की थी, जिसे नीमखेड़ी का ही शोकेंद्र चला रहा था। उक्त दोनों आरोपी अभी फरार हैं।

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