फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यूपी: ईद पर भाइयों की हत्या का 28 साल बाद लिया बदला, बसपा नेता व भांजे के मर्डर से गैंगवार की आशंका 

Wed, 29 May 2019 03:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 May 2019 03:23 PM IST
विज्ञापन
fear of gangravar in Bijnor after murder of BSP leader and nephew
बसपा नेता हाजी अहसान और उनके भांजे का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बिजनौर के नजीबाबाद में बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान, उनके भांजे की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है। हाजी अहसान इस क्षेत्र का बड़ा नाम था। कई हत्याओं में हाजी अहसान का भी नाम आ चुका है, उनका अपना अलग गैंग है। प्रॉपर्टी को लेकर नजीबाबाद में कई बड़े लोगों की हत्या हो चुकी है। आगे तस्वीरों में जानें आखिर कैसे 28 साल पहले हुई तीन भाइयों की हत्या से जुड़ रहा है यह मर्डर केस: -


 
fear of gangravar in Bijnor after murder of BSP leader and nephew
मौके पर जांच करने पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा में मामूली विवाद में वर्ष 1990 में तीन सगे भाइयों की ईद पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड में हाजी अहसान का नाम आया था। इसके बाद से ही हाजी अहसान दिल्ली में जा बसा था और वहीं प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया था। 



 
fear of gangravar in Bijnor after murder of BSP leader and nephew
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

तीनों भाइयों की हत्या के बाद एक भाई यूसुफ पहाड़ी बचा था। वह तिहरे हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। हाजी अहसान से इस केस में समझौते की बात चल रही थी। तीन साल पहले यूसुफ पहाड़ी की भी हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का भी हाजी अहसान पर शक किया गया। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
fear of gangravar in Bijnor after murder of BSP leader and nephew
मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

कई साल पहले प्रॉपर्टी डीलर डॉ. शमशाद की नजीबाबाद में हत्या कर दी गई। डॉ. शमशाद भी नजीबाबाद के लिए बड़ा नाम था। शमशाद की हत्या में भी हाजी अहसान का नाम आया था। पुलिस ने शमशाद की हत्या में मुजफ्फरनगर के अजमल पहाड़ी को दबोचा था। अजमल नजीबाबाद में किराए का मकान लेकर रहता था।


 
विज्ञापन
fear of gangravar in Bijnor after murder of BSP leader and nephew
मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

अजमल का ससुर हाजी अहसान के यहां नौकरी करता था। इसलिए डॉ. शमशाद की हत्या में हाजी अहसान का नाम आया था। अजमल पहाड़ी को शार्प शूटर बताया जाता है। वह इन दिनों गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed