सहारनपुर के सरसावा गोविंदपुर के जंगल में पटाखा फैक्टरी में इतनी तेज धमाका हुआ कि पूरा इलाका दहल गया। धमाके के साथ फैक्टरी चंद ही मिनटों में जमींदोज हो गई। फैक्टरी का मलबा पास के गांवों में ग्रामीणों के मकानों की छत पर जाकर गिरा। इस दर्दनाक हादसे में फैक्टरी मालिक राहुल कुमार समेत पांच लोगों के शरीर के चिथड़े उड़ गए। घटनास्थल से दो सौ मीटर तक की दूरी तक शवों के लोथड़े पड़े मिले। वहां का मंजर देख कर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों की भी रूह कांप कई।
पटाखा फैक्टरी हादसा: शवों के लोथड़े देखकर कांप गए लोग, दूर गांव में घरों की छतों पर गिरा था मलबा, मंजर देखकर सहमे लोग
पटाखा फैक्टरी में धमाके के साथ हुए विस्फोट से पूरा इलाका दहल गया। ग्रामीण तुरंंत मौके पर दौड़े और राहत बचाव कार्य में जुट गए। फैक्टरी में मौजूद लोगों के शव चिथड़ों में तब्दील हो गए। शवों की हालत देख लोग सहम गए। शनिवार को तीन लोगों के क्षत विक्षत शव बरामद हो सके, लेकिन मौके पर केवल राहुल की ही पहचान हो पाई। बाकी दोनों मृतकों की पहचान के लिए परिजनों को भी काफी समय लगा, क्योंकि शव इस कदर क्षत विक्षत हो गए थे कि पहचान करनी मुश्किल हो रही थी। धमाके के बाद करीब 300 गज में बनी पटाखा फैक्टरी पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी थी।
हर ओर आग, धुआं, सामान, बिल्डिंग का मलबा, टीन, टप्पर आदि सामान बिखरा पड़ा था। विस्फोट किस कदर शक्तिशाली था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित गांव बलवंतपुर और गोविंदपुर के ग्रामीणों की छतों पर फैक्टरी का मलबा जाकर गिरा।
सरसावा में पहले यह पटाखा फैक्टरी सलेमपुर में ही थी। जो आबादी के पास थी। करीब आठ साल पहले भी इसी फैक्टरी में आग लगने से विस्फोट हुआ था, जिसमें एक श्रमिक की मौत हो गई थी तथा कई घायल हुए थे।