इस सीजन में स्वीडन के बाद अब जर्मनी और इटली वासी भी सहारनपुर के दशहरी आम का स्वाद चखेंगे। मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस कर रविवार सुबह दशहरी आम की खेप जर्मनी और इटली भेजी गई है।
स्वीडन के बाद जर्मनी-इटली वाले चखेंगे सहारनपुर के इस आम का स्वाद, अब तक 51 क्विंटल भेजा विदेश
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मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस कर आम को हर साल विदेश निर्यात किया जाता है। मैंगो पैक हाउस में सबसे पहले आम की ठंडे पानी से धुलाई होती है। इसके बाद उसे हाट वॉटर से गुजारा जाता है।
हॉट एयर ड्रायर से सुखाए जाने के बाद कहीं जाकर उसको वैपर हीट ट्रीटमेंट यानी वीएचटी दिया जाता है। इसके बाद आम को अच्छे से पैकिंग कर विदेश भेजने के लिए लोड कर दिया जाता है।
मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस कर पिछले वर्षों में आम को स्वीडन, इंग्लैंड, जापान, न्यूजीलैंड, जर्मनी, नेपाल, कोरिया, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात भेजा जाता रहा है।
मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि रविवार सुबह मैंगो पैक हाउस से प्रोसेस कर आम को इटली एवं जर्मनी भेजा गया है। दोनों देशों में 16-16 क्विंटल दशहरी आम निर्यात किया गया है। अभी आम निर्यात की शुरूआत है। जल्द ही अन्य देशों से भी ऑर्डर करने की उम्मीद है।
मैंगो पैक हाउस से हुआ आम निर्यात एक नजर में-
वर्ष-------------------मात्रा किलो में
2014-15--------------- 121841
2015-16--------------- 306241
2016-17--------------- 311586
2017-18--------------- 352297
2018-19--------------- 361595
नवाब ब्रांड पर मिलता है अनुदान
उत्तर प्रदेश से नवाब ब्रांड के तहत आम निर्यात करने वाले निर्यातक को अनुदान दिया जाता है। इसमें ब्रांड प्रमोशन के साथ ही भाडा अनुदान भी शामिल है। नवाब ब्रांड से निर्यात किए जाने वाले आम के उत्पादक को छह रुपये ओर निर्यातक को दस रुपये प्रति किलो का अनुदान दिया जाता है।
आम को समुद्री या हवाई मार्ग से विदेश भेजने पर 15 रुपये प्रति किलो भाड़ा अनुदान और सड़क मार्ग से विदेश भेजे जाने पर 7.50 रुपये प्रति किलो की दर से अनुदान दिया जाता है।