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छात्रा की खुदकुशी का मामला: काफी समझाया, बाहर घुमाया...बिटिया को न बचा सका परिवार

Tue, 10 Jan 2023 11:44 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 10 Jan 2023 11:44 AM IST
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Girl student suicide case: family could not save the girl, Funeral at Brijghat
छात्रा अवनी - फोटो : अमर उजाला

मेरठ निवासी अवनी चार परिवारों की लाड़ली थी और वह इंजीनियर बनना चाहती थी। इंटर की पढ़ाई के साथ-साथ वह जेईई मेंस की तैयारी कर रही थी। प्री-बोर्ड की परीक्षा में कम नंबर पर आने पर वह अवसाद में चली गई। यह बात उसके माता-पिता को मालूम थी। माता-पिता बेटी को बार-बार समझाते थे। उसे हिल स्टेशन पर घुमाकर भी लाए और उसे उपहार भी दिए, बावजूद इसके उसकी जिंदगी नहीं बचा पाए। 



शास्त्रीनगर में गोल्डन टावर की पांचवीं मंजिल से कूदकर अवनी ने जान दे दी। बेटी की आत्महत्या के बाद अवनी के शव का परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उसके शव का अंतिम संस्कार बृज घाट पर किया गया और चाचा चिराग ने चिता को मुखाग्नि दी। 

मूल रूप से मुंडाली के गांव आड़ के रहने वाले व्यापारी बृजभूषण के चार पुत्र हैं। बड़े बेटे रोहित परिवार के साथ शास्त्रीनगर स्थित गोल्डन टावर में फ्लैट रहते हैं। परिवार में पत्नी आकांक्षा, बेटा शिवा है और बेटी अवनी थी। रोहित के तीन भाई चिराग, आशु और विशाल खरखौदा में रहते हैं। अवनी इन चारों भाइयों की लाड़ली थी। रोहित, चिराग के साथ कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं जबकि आशु और विशाल हार्डवेयर व्यापारी हैं। शिवा कैंट स्थित दीवान स्कूल का छात्र है।

Girl student suicide case: family could not save the girl, Funeral at Brijghat
छात्रा की आत्महत्या का मामला। - फोटो : amar ujala

परिवार के लोगों ने बताया कि जन्मदिन पर भी सबसे ज्यादा उपहार अवनी को ही मिलते थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि बेटी ऐसा कदम उठा लेगी। घटना का पता चलने पर तीनों भाइयों ने रोहित को फोन किया। उनके शास्त्रीनगर पहुंचने से पहले ही रोहित बेटी का शव लेकर खरखौदा पहुंच गए। यहां शव पहुंचते ही परिजन बिलखने लगे और लोगाें की भीड़ जुट गई।

पुलिस के अधिकारियों को फोन करके कहा कि बेटी का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। यह हादसा है, उनको कोई शिकायत नहीं देनी। बेटी तनाव में थी, इसकी जानकारी माता-पिता को पहले से थी। अवनी ने ऐसा कदम उठाया कि परिवार सदमे में है। माता-पिता को परिवार के लोग संभालने में लगे रहे, लेकिन वे गुमसुम हैं। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई नहीं कराई है।

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छात्रा की आत्महत्या का मामला। - फोटो : amar ujala
स्कूल जाने की बात कहकर गई थी 
परिवार ने बताया कि अवनी सुबह 9:30 बजे अपनी मां आकांक्षा से स्कूल जाने की बात कहकर फ्लैट से गई थी। सफाई कर्मचारी और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार सुबह 10:30 बजे अवनी को नीचे पड़ा देखा। सोसायटी के एक युवक ने बताया कि अवनी 40-45 मिनट छत पर घूमती रही। हेलमेट और स्कूल बैग भी छत पर रखा था। अंदेशा है कि काफी देर घूमने के बाद ही अवनी छत से कूदी है। इस दौरान अवनी की किसी से बात हुई या नहीं। इसकी जानकारी भी पुलिस जुटाने में लगी है। वहीं, यह भी बताया गया है कि सोसायटी के एक बुजुर्ग की मौत बीमारी के चलते रविवार रात एक निजी अस्पताल में हो गई थी। सोसायटी के पदाधिकारी और स्थानीय लोग श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े थे। कुछ लोगों ने अवनी की चीख सुनी। काफी देर तक उन्हें कुछ समझ नहीं आया। बाद में घटना का पता चला। 
 
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मेरठ आत्महत्या मामला। - फोटो : amar ujala

विद्यालय में भी शोक जताया
अवनी की मौत की जानकारी के बाद उसके स्कूल में भी शिक्षकों और सहपाठियों ने शोक जताया। कुछ सहपाठियों ने बताया कि पिछले माह प्री-बोर्ड परीक्षा में अवनी ने अच्छे अंक पाए थे और बोर्ड की तैयारियों के बारे में वह अक्सर बातें करती थी। प्रधानाचार्य सपना आहूजा ने कहा कि परीक्षा को लेकर प्रत्येक विद्यार्थी को काउंसलर का नंबर दिया गया था, तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं थी। शिक्षक और सहपाठी मंगलवार को अवनी के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

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मेरठ आत्महत्या मामला। - फोटो : amar ujala

पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंची अवनी, उठे सवाल
अवनी पांचवीं मंजिल पर कैसे पहुंची, इसे लेकर सोसायटी के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारी हैं। इसके बावजूद स्कूल ड्रेस में छात्रा कैसे वहां तक पहुंच गई। लोगों का कहना कि सुरक्षा के मद्देनजर भी वहां पर कोई सुविधा नहीं है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कभी कोई शिकायत नहीं की गई। सोसायटी के सचिव एवं पूर्व प्रिंसिपल डॉ. डीके जैन का कहना कि अवनी बहुत ही हंसमुख थी। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इससे सभी हैरान हैं।

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