सहारनपुर के देवबंद में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद शामली जिले में भी स्थानीय पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। सहारनपुर से सटे चौसाना, झिंझाना के अलावा कैराना पर सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें हैं।
यूपी के इस शहर से भी रहा आतंकियों का गहरा नाता, शाहनवाज-आकिब की गिरफ्तारी से एजेंसियां सतर्क
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बता दें कि 2013 में हुए दंगों के बाद राहत शिविरों में भी आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल सक्रिय होने का शोर मचा था। इसके अलावा हथियार तस्करी के मामले में कैराना पहले से चर्चित रहा है। स्थानीय पुलिस ने अभी तक किसी भी आतंकी इनपुट से इंकार किया है, लेकिन जिले भर में चौकसी बढ़ा दी गई है।
सहारनपुर में दो आतंकी पकड़े जाने के बाद जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने बॉर्डर पर नाकेबंदी कर चेकिंग कराई। एसपी के निर्देश पर सहारनपुर से सटे क्षेत्रों में वाहन चेकिंग की गई। जलालाबाद, चौसाना, कैराना में सीमा से सटे स्थानों पर पुलिस ने चेकिंग की। शहर में भी बस स्टैंड, चौराहों पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया।
मिला था हथियारों का जखीरा
जनवरी 2017 को जिला पुलिस ने गंदरऊ रोड पर दो वाहनों से असलहों की भारी खेप पकड़ी थी। इसमें 123 मस्कट, 80 तमंचे और करीब 500 अधबने तमंचे बरामद हुए थे। इसमें एक आरोपी पकड़ा गया था, जबकि छह फरार हो गए थे। पता चला था कि ये लोग हरियाणा आदि कई जगहों पर हथियारों की सप्लाई करते हैं।
वर्जन-
जिले में अभी तक कोई आतंकी इनपुट नहीं मिला है। सहारनपुर पुलिस या एटीएस ने भी कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन जिला पुलिस को अलर्ट कर चेकिंग बढ़ा दी गई है। वाहनों की चेकिंग कराई जा रही है। लोगों से भी अनुरोध है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो पुलिस को सूचना जरूर दें। - अजय कुमार, एसपी शामली