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मेरठ: देह व्यापार के लिए बदनाम कबाड़ी बाजार की बदलेगी सूरत, हाईकोर्ट ने बंद कराए थे 58 कोठे

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 12 May 2022 11:44 AM IST
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kabadi bazar Meerut news: infamous Red light area for prostitution in meerut will looked changed soon, High Court had closed 58 rooms
कबाड़ी बाजार, मेरठ - फोटो : amar ujala

मेरठ में चोरी के वाहनों के कटान के लिए बदनाम सोतीगंज मार्केट की पहचान बदलने के बाद कभी देह व्यापार के लिए बदनाम रहे मेरठ के कबाड़ी बाजार की पहचान भी जल्द ही बदली जाएगी। एक बार फिर से यह इलाका गुलजार होगा। बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश पर कबाड़ी बाजार के कोठों को तीन साल पहले बंद करा दिया गया था। तकरीबन सौ से ज्यादा देह व्यापार में लिप्त को दिल्ली शिफ्ट किया कर दिया गया था। इनमें सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान, नेपाल, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की लड़कियों की बताई गई थी। 



मेरठ रेड लाइट एरिया में हाईकोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में 400 महिलाएं व युवतियां थीं, जिनके 75 कोठे बताए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर रेडलाइट एरिया में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई हुई और 58 कोठों पर पुलिस ने सील लगा दी। अब इन 58 भवनों के मालिक चाहते हैं कि बंद भवनों को फिर से खोला जाए। 

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कबाड़ी बाजार, मेरठ - फोटो : amar ujala

मेरठ में कभी रेड लाइट एरिया के नाम से पहचाने जाने वाले कबाड़ी बाजार के 58 भवनों में अब किराना और कॉस्मेटिक्स आदि की दुकानें खुल सकती हैं। मकान मालिकों ने प्रशासन से ताले खोलने की अनुमति मांगी है। 

भवन मालिकों का कहना है कि वे अपनी बिल्डिंग अनैतिक कार्य के लिए किराये पर नहीं देंगे। तमाम लोगों के प्रार्थनापत्र आने के बाद जिला उद्धार अधिकारी ने इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट से मार्गदर्शन मांगा है।

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कबाड़ी बाजार, मेरठ - फोटो : amar ujala
डीएम अनिल ढींगरा के आदेश पर तीन साल पहले कबाड़ी बाजार में संचालित 58 कोठों को अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम में कुर्क करके सील कर दिया गया था। इन भवनों के मालिकों का कहना है कि नियमानुसार तीन साल से ज्यादा सील नहीं किया जा सकता है। 

सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार भट्ट ने जिला उद्धार अधिकारी से हाईकोर्ट में चल रहे केस, अब तक हुए आदेश और कार्रवाई का अवलोकन करने के बाद ही निर्णय लिए जाने की बात कही है। 

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कबाड़ी बाजार, मेरठ - फोटो : amar ujala
कहां गई देह व्यापार में लिप्त महिलाएं, नहीं ली सुध
पुलिस की कार्रवाई से पहले कोठों से देह व्यापार में लिप्त महिलाएं गायब हो गई। सवाल बड़ा है कि आखिर ये सभी कहां गई, इसकी सुध लेना भी पुलिस प्रशासन ने मुनासिब नहीं समझा। रेडलाइट एरिया से इन्हें हटाया गया, यह वाकई सराहनीय काम था। लेकिन ऐसे भी मामले लगातार सामने आते रहे जिनसे यह खुलासा हुआ कि अधिकांश महिलाएं शहर के पॉश इलाकों में शिफ्ट हो गईं। पुलिस के मुताबिक शास्त्रीनगर, गंगानगर, माधवपुरम समेत कई जगहों पर किराये का मकान लेकर ये रहने लगीं।
 
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कबाड़ी बाजार, मेरठ - फोटो : amar ujala
कोई महिला व युवती घर नहीं पहुंची
हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ रेडलाइट एरिया में नेपाल, राजस्थान और कोलकाता निवासी युवतियां व महिलएं सबसे ज्यादा थीं। इसके अलावा सदर बाजार, कंकरखेड़ा सहित कई जगहों की लड़कियां भी रेडलाइट एरिया में रहने वाली बताई गईं। बड़ा सवाल है कि इन कोठों से निकली कोई देह व्यापार में लिप्त महिला अपने घर पहुंची या नहीं, इसकी भी अब तक कोई जांच नहीं हुई।
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