मेरठ में इंजीनियर की मासूम बेटी मायशा के अपहरण के बाद घर में कोहराम मच गया। चार महीने की गर्भवती मां उम्मेहबीबा बेसुध हो गई। दो घंटे बाद बच्ची घर आई तो पिता महबूब उल हक बेटी को देखकर रो पड़े।
मेरठ में मासूम का अपहरण: अधिकारी जांच में जुटे थे, खुद घर पहुंच गई बच्ची, देखकर फफक पड़ी मां, गले से लगाया
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उम्मेहबीबा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महबूब के मकान मालिक की पत्नी और पड़ोस की महिलाओं ने संभाला। उसकी तबीयत बिगड़ गई। बार-बार यही पूछती रही कि मेरी बच्ची का कुछ पता चला या नहीं। पिता महबूब भी रोने लगे।
दो घंटे तक पूरे घर में ऐसा माहौल रहा कि सबकी सांस में सांस अटकी रही। दो घंटे बाद बच्ची खुद घर वापस आई महबूब और उम्मेहबीबा उसे देखकर फफक पड़े। दोनों ने बेटी को गले लगा लिया। आसपास के लोगों के चेहरे खिल गए। सभी का यही कहना था कि शुक्र है कि बच्ची सकुशल घर आ गई।
पहले गेट पर और फिर कार में जाता दिखा बदमाश
तब घर के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की गई तो एक नकाबपोश युवक बच्ची को गेट पर टेंपो से उतारकर पहले गेट तक ले जा रहा है, इसके बाद वो उसे लेकर सेंट्रो कार में जाता नजर आया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जानकारी के बाद नौचंदी थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच टीम को लगाकर शहर में चेकिंग शुरू करा दी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और एसपी क्राइम बच्ची के घर पहुंचकर परिजन से बात करके सीसीटीवी फुटेज चेक करा रहा थे, दो घंटे बाद बच्ची खुद ही घर पहुंच गई।
पुलिस को बताया तो बेटी को मार देंगे
पुलिस के मुताबिक गाड़ी में दो लोग थे। एक कार ड्राइव कर रहा था। दूसरा बच्ची के साथ पीछे बैठा था। पीछे वाले युवक ने बच्ची को चाकू दिखाकर डराया भी। इसके बाद कार से उसके पिता महबूब उल हक को फोन कर बताया कि तुम्हारी बच्ची का अपहरण कर लिया है। तीन करोड़ की फिरौती दे दो, पुलिस को इस बारे में कुछ नहीं बताना। नहीं तो बेटी को मार देंगे।
एसपी सिटी जांच कर रहे थे, बच्ची घर आ गई
मेरठ में अपहरण करने वाले बदमाशों का फोन कटने के बाद महबूब उल हक ने पत्नी को फोन करके पूछा तो उन्होंने बताया कि मायशा स्कूल से नहीं आई है।
इसके बाद महबूब डीएम दीपक मीणा को इसकी जानकारी देते हैं तो एसएसपी डॉ. विपिन ताडा तुरंत वायरलेस पर पुलिस को अलर्ट करते हुए चेकिंग के आदेश देते हैं। जिस समय ये वारदात हुई उस समय कई थानों की पुलिस एबीवीपी कार्यकर्ताओं के हंगामे की वजह से सीसीएसयू कैंपस में थी।
ऐसे में क्राइम ब्रांच और दूसरी टीमों को लगाया गया। पूरे घटनाक्रम के तकरीबन दो घंटे बाद जिस समय एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह पुलिस की टीम के साथ महबूब उल हक के यहां जांच कर रहे थे, इसी बीच 2 बजकर 45 मिनट पर बच्ची खुद ही घर आ जाती है। बच्ची बताती है कि बदमाश सामने पेड़ के पास उसको छोड़ गए। पेड़ घर से 100 मीटर की दूरी पर है।