फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Meerut: हादसे की कहानी चश्मदीदों की जुबानी, साजिद ने मलबे से निकाला हाथ, सायमा चिल्लाई-प्यास लगी है...पानी!

Mon, 16 Sep 2024 04:42 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Mon, 16 Sep 2024 04:42 PM IST
विज्ञापन
Meerut Building Collapse: Story of the accident in words of eyewitnesses
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

मेरठ की जाकिर काॅलोनी में तीन मंजिला मकान धराशायी हो गया। इसके मलबे में पूरा परिवार दब गया। एक ही परिवार के 10 लोगों की माैत हो गई। रविवार को दस शव एकसाथ सुपुर्द ए खाक किए गए तो हर किसी का कलेजा कांप उठा।  


 
माैके पर माैजूद रहे जुनैद, साकिब बताते हैं कि जाकिर कालोनी में जैसे ही हादसा हुआ, क्षेत्र में हड़कंप मच गया। माैके पर बहुत ही दर्दनाक नजारा दिखा। धमाके के साथ पूरी इमारत पल भर में मलबे में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड के साथ मलबा हटाना शुरू कर दिया।

Meerut Building Collapse: Story of the accident in words of eyewitnesses
Meerut Building Collapse - फोटो : अमर उजाला

कुछ देर बाद ही नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंच गई। तभी मलबे के बीच से साजिद का हाथ दिखाई दिया। लोगों ने तेजी से मलबा हटाया और उसे बाहर निकाला। साजिद गंभीर रूप से घायल था। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए। 

इसके कुछ देर बाद मलबे के नीचे से सायमा की आवाज आई। वह चिल्लाकर बोली कि मुझे बचा लो, प्यास लगी है पानी पिला दो। इसके बाद लोगों ने तेजी से मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। साजिद को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि सायमा की हालत देर रात तक गंभीर बनी हुई थी।

Meerut Building Collapse: Story of the accident in words of eyewitnesses
Meerut Building Collapse - फोटो : अमर उजाला

एक घंटे के बाद होता हादसा तो मलबे में दब जाते 40 लोग
नफ्फो उर्फ नफीसा की डेयरी पर रोजाना शाम करीब साढ़े पांच बजे लगभग 30 लोग दूध लेने लिए पहुंचते थे। शनिवार को 4:30 बजे भयावह हादसा हो गया। आसपास के लोगों ने बताया कि अगर एक घंटे बाद हादसा होता तो लगभग 40 लोग मलबे में दब सकते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Meerut Building Collapse: Story of the accident in words of eyewitnesses
Meerut Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
 हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मची हुई थी। आसपास खड़े परिजन अपनों के लिए रो रहे थे, उनके अपने जो मलबे में दबे थे, उनकी सलामती के लिए रो-रोकर दुआएं मांग रहे थे। वे राहत और बचाव दल के लोगों से मिन्नतें कर रहे थे कि कुछ भी कर उनके अपनों को जिंदा व हिफाजत के साथ निकाल लिया जाए। जैसे-जैसे रात हो रही थी वैसे ही लोगों की उम्मीद की डोर कमजोर हो रही थी। 
 
विज्ञापन
Meerut Building Collapse: Story of the accident in words of eyewitnesses
Meerut Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक जांच में कमजोर मिली नींव
रेस्क्यू अभियान के साथ अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में मकान की नींव कमजोर होने की पुष्टि हुई। बारिश में मकान में सीलन आ गई और डेयरी का पानी जाने के कारण नींव पहले से कमजोर थी, जिसके चलते हादसा हुआ। घर में डेयरी संचालन से नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई। स्थानीय लोगों ने इस संबंध अधिकारियों से भी शिकायत की थी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed