मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के सीलिंग आदेश को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं होने के कारण दोपहर तक भी आवास विकास की टीम मौके पर नहीं पहुंची और संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी।
सेंट्रल मार्केट मामला: योगी जी राहत दो, व्यापारियों ने छाती पीटकर किया प्रदर्शन, शाम तक नहीं हुई कार्रवाई
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के सीलिंग आदेश के खिलाफ व्यापारियों का जोरदार प्रदर्शन हुआ। व्यापारियों ने ‘योगी जी राहत दो’ के नारे लगाए और बारिश में भी धरने पर डटे रहे। 9 अप्रैल को मेरठ बंद की तैयारी भी की जा रही है।
छाती पीटकर जताया विरोध
सीलिंग के आदेश से आहत व्यापारियों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कई व्यापारियों ने छाती पीटते हुए नारे लगाए-'व्यापारी लुट गए, योगी जी कुछ करिए।' इस दौरान आसपास मौजूद लोगों और बाजार में आए अन्य व्यापारियों का भी ध्यान उनकी ओर गया।
सीलिंग की जद में आए स्कूलों के संचालकों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनकी ओर से मजबूत पैरवी नहीं हो पाई, जिसके कारण कई बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। स्कूल संचालकों ने सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका दायर करने की बात कही है।
सेंट्रल मार्केट के 44 भवनों में सीलिंग के आदेश को लेकर व्यापारियों में जबरदस्त रोष है। संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों के अध्यक्ष अजय गुप्ता और नवीन गुप्ता व्यापारियों के बीच पहुंचे और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
इस दौरान बाजार बंद रखकर धरना भी दिया गया। नवीन गुप्ता ने कहा कि वह व्यापारियों के साथ पूरी तरह खड़े हैं और उनके हितों की लड़ाई जारी रहेगी।
आगे की रणनीति पर किया गया विचार
बैठक में 9 अप्रैल को मेरठ बंद की रणनीति पर भी विचार किया गया। इस दौरान सरदार दलजीत सिंह, विजय आनंद अग्रवाल, जितेंद्र सिंह अट्टू, जीतू सिंह नागपाल, शैकी वर्मा, राहुल मलिक, मनोज गर्ग और अंकुर सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई भी 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिस पर व्यापारियों की नजर टिकी हुई है।