राजेश डिफेंस कॉलोनी बी-32 में एक साल से अकेले रहते थे। परिवार में विवाद के चलते पत्नी नीलांजना, बेटा सिद्धार्थ व बेटी वैशाली गाजियाबाद में अलग-अलग रहते हैं। नीलांजना ने पति का हनीट्रैप कराया और फिर हत्या कर दी। उसका मकसद था कि लोग राजेश का बदनुमा दाग मानकर हत्या होना मान लेंगे।
मर्डर: 4 करोड़ की खातिर पति को हनीट्रैप में फंसाया, फिर सहेली से करा दी हत्या
राजेश की उम्र 60 साल थी। नीलांजना की सहेली की उम्र 40 साल है। राजेश को मरवाने के लिए पत्नी ने ही साजिश रची। राजेश की हत्या हो जाए और करोड़ों की प्रॉपर्टी बच्चों पर चली जाए। इसको देखते हुए नीलांजना ने सलोनी के जरिये दांव खेला। पत्नी ने एक नया मोबाइल खरीदा और सलोनी को दिया। सलोनी को एफबी व व्हाट्सएप चलाना सिखाया। सलोनी की सोशल साइट के जरिये राजेश से मुलाकात कराई। राजेश सलोनी को पहले से जानता था। लेकिन ज्यादा बात कभी नहीं हुई। 20 दिन तक सलोनी और राजेश फोन पर लंबी बात करते रहे। व्हाट्सएप पर चैटिंग की जाती थी। नीलांजना रोज चैट देखती और रिकार्डिंग सुनती थी। सलोनी ने घूमने की बात कहकर राजेश को बुलाया और फिर खुर्जा ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
यह था पूरा मामला
राजेश अहलूवालिया 25 नवंबर को लापता हुए थे। 30 नवंबर को राजेश के बेटे सिद्धार्थ ने गंगानगर थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया। राजेश की कार लावारिस हालत में बिजली बंबा बाईपास स्थित पुलिस चौकी के पास मिली थी। जहां पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा था। फुटेज में कार से एक महिला और एक युवक को उतरते देखा गया था। पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली, जिसमें सलोनी का एक नंबर आया। सलोनी व नीलांजना से पूछताछ चल रही थी। उनकी निशानदेही पर राशिद को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद पता चला कि खुर्जा में अपहरण वाले दिन ही उसकी हत्या कर दी गई थी।
पांच दिनों तक दोनों ने नहीं तोड़ी चुप्पी
पांच दिनों तक नीलांजना और सलोनी पुलिस हिरासत में थीं। पुलिस पूछताछ करती रही, लेकिन दोनों ने चुप्पी नहीं तोड़ी। उन्होंने कसम खाई थी कि वह पुलिस के सामने मुंह नहीं खोलेंगी। दोनों में ऐसी दोस्ती थी कि एक दूसरे के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थीं। दोनों अलग अलग समुदाय से हैं। इसके बावजूद उनमें बेहद प्यार है। यह जानकार पुलिस भी हैरान है।
25 लाख में तय हुई थी सुपारी
आरोपी राशिद ने बताया है कि सलोनी ने हत्या कराने की सुपारी 25 लाख रुपये दी थी। नीलांजना इतना पैसा एक साथ नहीं दे सकती, इसे लेकर एक माह से बात चल रही थी। नीलांजना ने दो-तीन लाख के जेवरात बेचकर एडवांस देने को कहा। बाकी पैसा राजेश की हत्या के दो महीने बाद देना तय किया। नीलांजना कह रही थी कि डिफेंस कॉलोनी वाला मकान बेचकर पैसा दूंगी। इस मकान की कीमत चार करोड़ है, इसको लेकर नीलांजना और राजेश अहलूवालिया में कई बार मारपीट तक हुई।
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