मेरठ के खरखौदा में मुकुल चौधरी हत्याकांड का खरखौदा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर भंवर सिंह व एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी तक भी पुलिस पहुंच गई। जल्द ही पुलिस पूरे मामले में खुलासा करेगी। लेकिन इससे पहले पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खोले कई बड़े राज और बताया कि कैसे उन्होंने अपने ही दोस्त को मौत के घाट उतारने में की मुख्य आरोपी की मदद: -
मर्डर: युवती से नजदीकियों की मिली खौफनाक सजा, दोस्त ही बने दुश्मन, पुलिस के सामने खोले कई बड़े राज
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मुकुल चौधरी (20) पुत्र प्रेम शंकर निवासी ओमनगर कंकरखेड़ा की सोमवार रात हत्या कर दी गई थी। उसका शव मंगलवार सुबह हापुड़ बाईपास पर मिला था। मुकुल की मां शशी सिरोही ने बताया था कि मुकुल सोमवार से गायब था। पुलिस ने मुकुल के फोन की कॉल डिटेल के आधार पर हापुड़ फाटक के समीप रह रहे आशीष को हिरासत में लिया। आशीष ने बताया कि मुकुल की मौसी का बेटा हैप्पी मुकुल को उसके पास लेकर आया था।
पुलिस के अनुसार छात्रा से दोस्ती करने पर भंवर सिंह ने अपने दोस्तों से साथ मिलकर मुकुल की हत्या की। हत्या हापुड़ के नवीन मंडी के पास गोली मारकर की गई और शव को निर्माणाधीन हापुड़ बाईपास में दबाना चाहते थे।
पुलिस के अनुसार मुकुल की एक छात्रा से दोस्ती थी। इसी छात्रा से कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी भंवर सिंह भी बात करता था। भंवर सिंह ने मुकुल को छात्रा से न मिलने को कहा था, जिसको लेकर दोनों में विवाद हो गया था। जिसके चलते भंवर सिंह ने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर मुकुल को हापुड़ की नवीन मंडी में ले जाकर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद रात में शव को बाइक से ले जाकर धीरखेड़ा गांव के पास एनएच-235 (मेरठ-बुलंदशहर हाईवे) पर फेंक दिया। पूछताछ में भंवर सिंह ने बताया कि उसने दिन में ही हापुड़ बाईपास को देख लिया था यह बाईपास जमीन से करीब 15 फीट की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। ऐसे में प्लानिंग थी कि वहां मुकुल का शव मिट्टी में दबा देंगे। ऊपर से मिट्टी डाल देंगे तो फिर शव नहीं मिल सकेगा।
वहीं, पुलिस ने मेरठ निवासी छात्रा से भी पूछताछ की। पुलिस इस मामले को त्रिकोणीय प्रेम कहानी के तौर पर भी देख रही है। क्योंकि सीडीआर में सामने आया कि छात्रा दोनों से बात करती थी।
खरखौदा में रहा था मुकुल
हैप्पी खरखौदा के ही एक कालेज से बीबीए कर रहा है। हैप्पी के पास सोमवार को बाइक नहीं थी तो हैप्पी ने ही मुकुल को फोन कर घर से बुलाया। बाद में मुकुल ही अपनी बाइक से हैप्पी को लेकर खरखौदा कालेज में आया था। जब तक हैप्पी कालेज में रहा तब तक मुकुल भी इसी क्षेत्र में रहा। इसके बाद दोनों आशीष से मिले। इसके बाद मुकुल का फोन बंद हो गया। पुलिस ने आशीष के मकान की तालाशी ली तो आशीष के मकान से एक खोखा भी मिला है। पुलिस के अनुसार इस केस में तीसरे अभियुक्त की तलाश की जा रही है।
मुकुल की हत्या हापुड़ में गोली मारकर की गई थी। खरखौदा क्षेत्र की सीमा में शव फेंका गया था। हत्यारोपियों को ट्रेस कर लिया गया है। प्रेम प्रसंग के बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा। -अजय साहनी, एसएसपी