बागपत के छपरौली में होली के दौरान हुड़दंग का विरोध करने पर मजदूर को जान गंवानी पड़ी। दिन में हंगामे के बाद रात के समय दो बार युवक हमला करने के लिए ब्रहम के घर पर पहुंचे थे। लेकिन दरवाजा नहीं खोलने के कारण लौट गए थे। पीड़ित परिवार यही समझता रहा कि शराब का अधिक नशा करने के कारण युवक हंगामा कर रहे हैं, दिन निकलने पर दोनों के परिवारों को बुलाकर बात कर लेंगे। लेकिन सुबह पांच बजे दरवाजा खुलते ही मौत घर में दाखिल हो गई -:
हत्या: होली के हुड़दंग का विरोध करना मजदूर को पड़ा भारी, दरवाजा खुलते ही घर में दाखिल हो गई मौत
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मंगलवार शाम पांच बजे ब्रहम ने दोनों युवकों का विरोध किया था। मौके पर हंगामा हुआ तो मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने दोनों को समझाने का प्रयास किया। किसी तरह दोनों को भेज दिया गया था। पीड़ित परिवार ने बताया कि रात नौ बजे दोनों युवक फिर घर के बाहर पहुंच गए और दरवाजा खोलने के लिए कहने लगे। नहीं खोला, तो वापस चले गए।
रात 12 बजे फिर घर के बाहर पहुंचे और गालीगलौज की। परिवार ने फिर दरवाजा नहीं खोला। पीड़ित परिवार ने समझा कि दोनों अधिक नशे में हैं। दिन निकलने पर ठीक हो जाएंगे। सुबह पांच बजे उठकर ब्रहम की पत्नी ने किवाड़ खोल दिए। दरवाजा खुलते ही दोनों घर में घुसे और ब्रहम की गोली मारकर हत्या कर दी।
भाई के बच्चों का सहारा था ब्रहम: छपरौली। ब्रहम के भाई देवेंद्र का बीमारी से निधन हो गया था। इसके बाद ब्रहम ने अपने भाई के एक लड़के व लड़की को पाल कर बड़ा किया। ब्रहम नि:संतान था।
घर पर सुरक्षा, गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार: छपरौली। हत्या के बाद जागोस में अनुसूचित जाति के परिवार के घर पर पुलिस और पीएसी लगा दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। परिवार ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया।
हत्या के बाद फरार हो गए दोनों आरोपी
ब्रहम की हत्या के बाद एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एएसपी अनिल कुमार सिंह, सीओ बड़ौत आलोक कुमार, इंस्पेक्टर छपरौली दिनेश कुमार चिकारा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने पीड़ित परिवार से वारदात की जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसपी ने बताया कि वारदात के बाद से दोनों हत्यारोपी फरार हैं। उनकी तलाश में टीम गठित की है। जल्द ही दोनों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
मामूली बात समझकर नहीं की शिकायत
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मोहल्ले के लोगों ने इस मामले को हल्के में लिया। इसी कारण पुलिस से शिकायत नहीं की थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि मामूली बात पर हत्या कर दी जाएगी।