मेरठ के बली गांव के प्राथमिक विद्यालय में चल रहे मतदान के समय भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय धामा ने सरकारी गनर लेकर ऐसा खूनी खेल खेला कि लखनऊ तक हड़कंप मच गया। बूथ कैप्चरिंग का विरोध करने पर स्कूल परिसर में गोली मारकर प्रधान के बेटे अनित गुर्जर की हत्या कर दी गई।
प्रधान के बेटे की हत्या: सरकारी गनर लेकर पुलिस फोर्स के सामने खेला खूनी खेल, लखनऊ तक मचा हड़कंप
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पहले शहर में प्रह्लाद नगर प्रकरण की शासन तक गूंज हुई। जिसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रह्लाद नगर प्रकरण पूरी तरह शांत भी नहीं हो पाया था कि 30 जून को युवा सेवा समिति के बैनर तले बदर अली ने धारा 144 लागू होने के बाद पुलिस को चुनौती देते हुए पहले फैज-ए-आम कॉलेज में मीटिंग की और उसके बाद जुलूस निकाला।
बवाल हुआ तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस बवाल में भाजपा नेताओं ने पुलिस अफसरों पर ठीकरा फोड़ा। जिसके बाद एसएसपी नितिन तिवारी और आईजी रेंज रामकुमार को हटाया गया।
नवागत एसएसपी अजय साहनी ने चार्ज संभालते ही मेरठ में कानून व्यवस्था को सुधारने के दावे किए। लेकिन एसएसपी के दावे हवा में उड़ गये। एसएसपी के चार्ज संभालने के चौथे दिन ही देहात में ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिस पर अफसर खामोश हो गये।
प्रधान पुत्र की पुलिस फोर्स के सामने स्कूल परिसर में मतदान केंद्र में गोली मारकर हत्या की घटना ने कानून व्यवस्था को चुनौती दे दी है।
शहर की घटना से अफसरों ने सबक नहीं लिया, जिसका नतीजा यह हुआ कि पुलिस फोर्स की मौजूदगी में विजय धामा ने खूनी खेल को अंजाम दिया।
इससे पहले भी पंचायत चुनाव में करीमपुर गांव में बूथ कैप्चरिंग की घटना पर बवाल हुआ था। ललियाना किठौर में पंचायत और जिपं के चुनाव में गोली चलने की घटनाएं हो चुकी हैं।
भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय धामा को सरकारी गनर किसने दिया, इस पर अधिकारी चुप्पी साध गये। यहां तक सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने शुक्रवार को वार्ड-34 जिला पंचायत उपचुनाव को लेकर डीएम अनिल ढींगरा के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा था। सपा जिलाध्यक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मतदान प्रभावित करने का आरोप लगाया था।
प्रधान कालूराम के परिजनों और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि खाकी वर्दी में गनर लेकर विजय धामा मतदान केंद्र पर पहुंचा था। बताया जा रहा कि गनर एक मुजफ्फरनगर के नेता का था, जहां सेटिंग करके विजय धामा सपा और बसपा समर्थित प्रत्याशियों पर धाक जमा सके।