पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए शामली के जवान प्रदीप और अमित के शव शनिवार सुबह जैसे ही उनके पैतृक आवास पर पहुंचे वैसे ही पूरा शहर इन शूरवीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ा। गांव बनत के शहीद जवान प्रदीप की अंत्येष्टि सुबह 8.30 बजे गांव में हुई। इसके बाद शहर के रेल पार कालोनी निवासी जवान अमित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शामली के शहीद अमित को सलामी देने जुटा पूरा शहर, 29 साल में पाई शहादत, भाई ने कही बड़ी बात
पुलवामा में शहीद शामली के अमित और शहीद प्रदीप के शवों के आने से पहले ही हजारों की संख्या में लोग शहीदों के घरों के बाहर जमा थे। जैसे ही शव पहुंचे 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगने शुरू हो गए। श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
Pulwama Attack Video: वो छेड़ेंगे हम तोड़ेंगे, न भूलेंगे न छोड़ेंगे-
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सुबह करीब 9:00 बजे शहीद प्रदीप का अंतिम संस्कार गांव के शमशान घाट में किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री विधायक उमेश मलिक आदि जनप्रतिनिधि और हजारों लोग मौजूद थे।
बच्चों से लेकर महिलाओं युवा व बुर्जुग हर कोई शहीद बेटों को श्रद्धांजलि देने पहुंचा। युवाओं के हाथों में तिरंगे थे और जुबां पर बस एक ही बात, 'हमें बदला चाहिए..' । कुछ देर बाद शामली रेलपार कालोनी निवासी शहीद अमित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
केवल 29 साल की उम्र में शहादत प्राप्त करने वाले जवान अमित को सलामी देने के लिए जनसैलाब जुटा रहा। जैसे ही तिरंगे में लिपटे इन जवानों के शवों को वेन से उतारा कर उनके आंगन में रखा गया। घर में कोहराम मच गया। अपने लाड़ले को तिरंगे में लिपटा देख महिलाओं और रिश्तेदारों की आंखों से अश्रुधारा फूट पड़ी। हर कोई अपने जांबाज बेटे के अंतिम दर्शन के लिए बेताब दिखा।
