बागपत के डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत की अपने साथी भाजपा नेता सुधारस चौहान के साथ मिलकर हत्या करने वाली राखी कश्यप को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई हैं। राखी ने पांच महीने पहले भी विक्रांत पर गोली चलाई थी। हालांकि विक्रांत गोली लगने से बच गया था।
पड़ोसियों के इकट्ठा होने पर राखी कश्यप ने पति पर फायरिंग का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी थी, जो पुलिस की जांच में झूठी निकली। प्रयागराज की गोविंदपुरम कॉलोनी निवासी डूडा के शहर मिशन प्रबंधक विक्रांत की उसकी प्रेमिका राखी कश्यप, भाजपा नेता सुधारस चौहान ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
2 of 12
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद सुधारस चौहान ने अपने साथी कपिल चौहान के साथ मिलकर राखी कश्यप की भी हत्या कर शव सहारनपुर के रजापुर नौगांव स्थित रजबहे में फेंक दिया। बताया गया कि पांच माह पहले राखी कश्यप राज रिसॉर्ट के पास किराए के मकान में रहती थी।
3 of 12
आरोपियों के पास से बरामद सामान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तब राखी कश्यप और विक्रांत में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने राखी की पिस्टल जब्त कर ली, जिसे बाद में कोर्ट के आदेश पर वापस दिया गया।
4 of 12
Saharanpur Double Murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दोहरा हत्याकांड बना हाईप्रोफाइल, सफेदपोश भी निशाने पर
डूडा कर्मी विक्रांत और राखी कश्यप हत्याकांड हाईप्रोफाइल हो गया है, जिसमें नई कहानी निकलकर सामने आ रही है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भले ही पुलिस ने केस का खुलासा कर दिया हो, लेकिन तीन नए ऐसे बिंदु हैं जिन पर जांच शुरू हो गई है। खासकर राखी कश्यप के संपर्कों और घटनास्थल से जुड़े पहलुओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में पता चला है कि राखी ने कुछ लोगों को ब्लैकमेल कर रुपये वसूले हैं। इसमें स्थानीय नेता और अधिकारी भी जांच में दायरे में हैं।
5 of 12
Saharanpur Double Murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहला बिंदु
पुलिस की जांच में सबसे अहम बिंदु राखी के नेटवर्क को लेकर आया है। राखी ने सुधारस चौहान की आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 25 लाख रुपये वसूले थे। अब पता कई अन्य लोगों को भी ब्लैकमेल करने की बात सामने आ रही है। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि राखी किन-किन लोगों के संपर्क में थी, उसका आना-जाना किन जगहों पर था और उसके सबसे करीबी लोग कौन थे। क्योंकि राखी का उठना-बैठना कई प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के साथ था। ऐसे में जांच का दायरा अब कई अधिकारियों और सफेदपोश लोगों तक भी पहुंच सकता है। इससे केस और संवेदनशील हो गया है।