पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। गुरूवार देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी रुक-रुक कर होती रही। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान के उतार चढ़ाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बहसूमा क्षेत्र में बिजली गिरने से एक किशोरी की मौत हो गई।
बेमौसम बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, बीमारियों का खतरा बढ़ा, बहसूमा में बिजली गिरने से किशोरी की मौत
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पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान में वृद्धि हो रही थी। फरवरी में दो बार तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया था। बारिश के कारण शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 9.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम कार्यालय पर शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 89 व न्यूनतम 79 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की रफ्तार जहां सुबह को 6 किमी रही, वहीं दोपहर को यह बढ़कर 12 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई। 9.4 मिमी बारिश बारिश दर्ज की गई।
सेहत के लिए नुकसानदायक
तापमान में आ रहा उतार चढ़ाव सेहत के लिए नुकसानदायक है। सर्दी, कफ और गले में इंफेक्शन की शिकायत हो सकती है। ब्रोंकाइटिस जैसी एलर्जिक बीमारियां भी घेर सकती हैं। इस मौसम में कई तरह के वायरस भी सक्रिय हो जाते हैं।
बहसूमा के झुनझुनी में शुक्रवार को महबूब की बेटी कहकशां (15) पशुओं को चारा डाल रही थी। तभी बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई।
सब्जियों की फसल को नुकसान
बारिश के कारण आलू की खोदाई प्रभावित होने से मंडी में रेट बढ़ने की संभावना है। बारिश व लगातार तापमान में हो रहे उतार चढ़ाव के कारण टमाटर, खीरा, लौकी, ककड़ी व खरबूजे की फसल प्रभावित होंगी।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस तरह के मौसम में इन फसलों में बीमारियां बढ़ती है, इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर फफूंदीनाशक दवाई का स्प्रे करना चाहिए।