पश्चिमी यूपी का कुख्यात अनिल दुजाना गुरुवार को एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया। भले ही वह आज मुठभेड़ का शिकार हुआ हो लेकिन, एसटीएफ व गौतमबुद्धनगर पुलिस की टीमें तब से उसकी तलाश थीं। जब उसने तिहाड़ जेल से छूटने के बाद जयचंद प्रधान हत्याकांड में उसकी पत्नी और गवाह संगीता को धमकी दी थी। इसके बाद अनिल दुजाना के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए थे।
Encounter: दुजाना एनकाउंटर के पीछे का सच, आखिर कब से रडार पर था कुख्यात, तिहाड़ जेल से बाहर आते ही दी थी धमकी
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कुख्यात ने पुलिस कर्मियों पर की फायरिंग
खुद को घिरा देख कुख्यात अनिल दुजाना ने पुलिस कर्मियों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें कुख्यात मारा गया। इसके बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
वेस्ट यूपी में खौफ का पर्याय बना दुजाना
कुख्यात अनिल दुजाना वेस्ट यूपी में खौफ का पर्याय बना हुआ था। उस पर लूट, हत्या, डकैती समेत 65 मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ में एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने उसे गंगनहर पर भोला की झाल पर घेर लिया। अनिल दुजाना ने एसटीएफ की टीम पर गोली चला दी, जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।
किसी वारदात को अंजाम देने जा रहा था कुख्यात
बृहस्पतिवार को मेरठ एसटीएफ यूनिट को सूचना मिली कि अनिल दुजाना मेरठ में किसी वारदात को अंजाम देने आ रहा है। दोपहर को टीम ने गंगनहर पर घेराबंदी कर दी। स्कॉर्पियो में अनिल दुजाना का टीम ने पीछा किया तो वह भोला झाल की तरफ भाग निकला, रास्ते में घिरने पर उसने टीम पर पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ टीम ने जवाबी गोलीबारी में उसे ढेर कर दिया।
एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि अनिल दुजाना के पास से दो पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए के लिए भिजवा दिया है।