पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से लगातार मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। शुक्रवार को कभी काले बादलों ने डेरा जमाया तो कभी तेज धूप खिली। वहीं, देहात में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया।
पश्चिमी यूपी में फिर बिगड़ा मौसम: शहर में राहत, देहात में आफत, तेज बारिश-ओलावृष्टि ने बर्बाद की फसल
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हस्तिनापुर में भी ओले की चादर बिछी नजर आई। करीब एक घंटे हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, आलू, मसूर, मटर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। इस बार ओलावृष्टि से 30 से 40 फीसदी उत्पादन गिरने का अनुमान जताया जा रहा है।
आलू उत्पादक सुरेंद्र जाटव, जितेंद्र कुमार, राकेश, संजय, प्रदीप, आरिफ, गुलजार आदि ने बताया कि फसल में पानी जाने से आलू खराब हो जाएगा। ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब हो गई है। किसानों ने प्रदेश सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय होने के कारण इस बार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हवा दोपहर से शाम तक 10 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
देहात क्षेत्र में लगभग 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी बारिश व ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं। 15 मार्च के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होगा। मौसम में परिवर्तन आने से ठंडी हवाओं के चलने से दोबारा ठंड का असर शुरू हुआ है।
बारिश के कारण गन्ने की छिलाई नहीं हो सकी। ऊन चीनी मिल पर जाने वाले रास्ते पर भारी मात्रा में कीचड़ का जमा हो गया है। जिससे गन्ने से लदे वाहन शुगर मिल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा मौसम की मार सब्जी उत्पादक किसानों पर भी पड़ी है।