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प्रतापगढ़: होली पर जमकर उड़ा अबीर-गुलाल, कहीं नहीं हुआ कोई बवाल
Thu, 12 Mar 2020 01:12 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 12 Mar 2020 01:12 AM IST
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बलीपुर में होली के रंग में सराबोर मस्ती करती युवतियां।
- फोटो : pratapgarh
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मंगलवार को जिलेभर में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। शहर से गांव तक जमकर अबीर-गुलाल उड़े। रंग-बिरंगे चेहरे और लाल-पीले, हरे रंगों से सने कपडे़ पहनकर निकली युवाओं की टोली दिनभर धमाल मचाती रही।
बलीपुर में एक दुसरे को रंग गुलाल लगाकर होली मिलती महिलाएं।
- फोटो : pratapgarh
शहर में तेलिया चौराहे पर लगे डीजे पर झूमते युवा राहगीरों को रंग से सराबोर कर रहे थे। दोपहर में धूप निकलने के बाद रंग खेलने वाले युवाओं को जोश देखते ही बन रहा था। शाम को लोग घर-घर जाकर एक-दूसरे से गले मिले। शुभकामना देने का दौर देर रात तक चलता रहा। पुलिस की सतर्कता के चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है।
रिफ्यूजी कालोनी में होली पर संगीत की धुन पर थिरकते लोग।
- फोटो : pratapgarh
सुबह मौसम सर्द होने से रंग खेलने का दौर दोपहर में शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चलता रहा। शाम को अबीर-गुलाल लगाकर लोग एक-दूसरे से गले मिले और होली की शुभकामनाएं दीं। होली मिलने के लिए आने वाले लोगों की गुझिया और पकवान से मेहमाननवाजी हुई।
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पुलिस लाइन के समीप होली के रंग में रंगे बहुरूपिया बने युवा।
- फोटो : pratapgarh
शहर के तेलिया चौराहे पर लगे डीजे पर युवा मस्ती भरे रंग में झूमते नजर आए तो चौक, निर्मल तिराहा, भगवाचुंगी, श्यामबिहारी गली, श्रीराम तिराहे, पंजाबी मार्केट में निकली युवाओं की टोली को जो मिला, उसी को रंग और अबीर-गुलाल से सराबोर कर दिया। सुबह आसमान में बादल होने और हल्की ठंड का एहसास होने से रंग चलने का दौर ग्यारह बजे के बाद प्रारंभ हुआ और शाम चार बजते ही थम गया। इसके बाद एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलने का दौर प्रारंभ हुआ।
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भंगवा चुंगी चौराहे पर कपड़ा फाड़ होली के दौरान संगीत की थुन पर थिरकते लोग।
- फोटो : pratapgarh
होली पर सर्दी, 3.5 करोड़ लीटर पानी की बचत
आसमान में बादल और अचानक तापमान में गिरावट आने से इस बार लोगों ने रंगों के साथ होली खेलने के बजाए अबीर-गुलाल से होली खेलना अधिक पसंद किया। इसका फायदा यह हुआ कि जिले में होली पर करीब 3.5 करोड़ लीटर पानी की बचत हुई। हालांकि इतना ही लीटर पानी रंग, कपडे़ और घर साफ करने में खर्च हो गया।होली पर ठंड पड़ने से सुबह लोग पानी वाली होली खेलने से बचते रहे। 11 बजे के बाद होली का हुड़दंग शुरू हुआ तो भी मौसम सर्द था। ऐसे में लोगों ने पानी