Sankat Mochan Sangeet Samaroh: संकट मोचन संगीत समारोह के 103वें साल में पहली बार तुलसीदास और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पदों के साथ बनारस की रामलीला परंपरा और शास्त्रीय संगीत का एक साथ संयोग हुआ। नृत्य नाटिका चित्रकूट के मंचन में निराला की लिखी कविता राम की शक्ति पूजा पर राम और दुर्गा के भाव ने हनुमान भक्तों को भावुक कर दिया। नाटक का रूप देने वाले रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल ने 45 मिनट में अयोध्या-मिथिला से लेकर रावण युद्ध और सीता हरण, जटायु संग्राम सहित चार अध्यायों को अपने निर्देशन में मंच पर उतारा।
UP: तस्वीरों में संकट मोचन संगीत समारोह, नृत्य और अभिनय का मिलन; 45 मिनट में रामायण के चार अध्यायों का मंचन
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Tue, 07 Apr 2026 06:13 AM IST
सार
Varanasi News: हनुमत दरबार में पहली बार तुलसी-निराला के पदों पर नृत्य और अभिनय का मिलन हुआ। नाटक में काशी की रामलीला और शास्त्रीय संगीत का भी असर देखने को मिला। गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्डधारी विधा लाल के पग घुंघुरू की छम-छम तीन-तीन तबलों की थाप पर भारी पड़ गई थी। शंभू शिव शंभू स्वयंभू... कदमों को सितारा देवी की शिष्या ने शास्त्रीय थिरकन दी।
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