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LPG Crisis: काशी की गलियों की प्रसिद्ध कचौड़ी की 70% दुकानें बंद, अन्नपूर्णा मंदिर में आज होगा पीएनजी कनेक्शन

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 16 Mar 2026 12:31 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में गैस सिलिंडर संकट के बीच राम भंडार समेत काशी की गलियों की 70 प्रतिशत प्रसिद्ध कचौड़ी की दुकानें बंद हो गई हैं। उधर, अन्नपूर्णा मंदिर में पीएनजी कनेक्शन आज हो जाएगा, जिससे अन्न क्षेत्र शुरू हो सकेगा। 

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70% of shops selling famous Kachoris of Kashi closed PNG connection to be installed at Annapurna Temple
LPG Gas Crisis - फोटो : अमर उजाला

गैस संकट का असर व्यवसाय पर सीधा पड़ रहा है। रविवार को कचौड़ी गली, मणिकर्णिका घाट गली, ब्रह्मनाल, ठठेरी बाजार, चौखंभा और गोलघर समेत कई इलाकों में स्थित करीब 70 प्रतिशत मिष्ठान दुकानों और कचौड़ी की दुकानों पर उत्पादन लगभग ठप पड़ गया है। वहीं अन्नपूर्णा के अन्न क्षेत्र में प्रशासन ने 20 सिलिंडर भेजे थे, जिसके बाद रविवार को वहां भक्तों ने भोजन किया। इसके अलावा मां अन्नपूर्णा मंदिर में रविवार को पीएनजी कनेक्शन के लिए टीम ने सर्वे पूरा कर लिया। सोमवार की शाम तक यहां कनेक्शन हो जाएगा और मंदिर परिसर में ही एक बड़ी रसोई शुरू कर दी जाएगी।

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70% of shops selling famous Kachoris of Kashi closed PNG connection to be installed at Annapurna Temple
LPG Gas Crisis - फोटो : अमर उजाला

रविवार को ठठेरी बाजार क्षेत्र में स्थित श्रीराम भंडार, सत्यनारायण मिष्ठान, कुबेर मिष्ठान भंडार और राम मिष्ठान भंडार पर केवल नाममात्र की मिठाइयां ही उपलब्ध थीं। वहीं सुबह-ए-बनारस की पहचान मानी जाने वाली कचौड़ी-जलेबी हलवाई की दुकानों से लगभग गायब हो चुकी हैं। ऐसे में इन प्रसिद्ध गलियों में नाश्ता करने आने वाले लोग निराश होकर लौट रहे हैं। राम मिष्ठान भंडार के संचालक कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान में कमर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग होता है, लेकिन कई दिनों से सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में लकड़ी का सहारा लेकर कुछ चुनिंदा मिठाइयां ही तैयार की जा रही हैं। वहीं, गोलघर क्षेत्र में कचौड़ी-जलेबी की दुकान चलाने वाले अभिषेक साव ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण उनकी दुकान बंद है। इसी तरह मैदागिन, गोदौलिया और लहुराबीर क्षेत्र के कई दुकानदार भी गैस संकट से जूझ रहे हैं।

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LPG Gas Crisis - फोटो : अमर उजाला
अन्नपूर्णा मंदिर में महंत शंकर पुरी ने रविवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि रविवार से अन्नक्षेत्र में प्रसाद वितरण सामान्य रूप से शुरू हो गया। कहा कि उन्हें जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन मिला है। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने के लिए पीएनजी गैस कनेक्शन को लेकर सर्वे भी कराया गया है।
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LPG Gas Crisis - फोटो : अमर उजाला
गांव की बरातों में सिलिंडर गायब, चूल्हों पर बन रहीं रोटियां
गौरा उपरवार रोड स्थित शुक्लहिया मंदिर पर रविवार की शाम अहरक बड़ागांव से बरात पहुंची, जिसमें घराती बराती पक्ष से 250 लोगों के खाने-पीने का इंतजार चौबेपुर निवासी संजय विश्वकर्मा ने अपनी बेटी की शादी के लिए किया था। वह एक सप्ताह से गैस एजेंसी में सिलिंडर के लिए जा रहे थे, नहीं मिलने पर रविवार की सुबह भट्ठियां लगाकर भोजन तैयार कराया। चौबेपुर में बंगाली बाबू सेठ के यहां 29 सदस्यीय परिवार में गैस न मिलने से घर की बहुएं चूल्हों पर भोजन पका रही हैं। अजांव गांव निवासी मुमताज ने बताया कि 7 परिवार हैं, उनके यहां 6 दिनों से गैस नहीं है। रोजा चल रहा है, रोजा खोलने के लिए ऊपरी लकड़ी से चाय वगैरह का इंतजाम करना पड़ रहा है। अजांव गांव के ही मनोज बरनवाल ने बताया कि उनके घर में 6 सदस्य हैं। अब तक गैस मनमानी मिल जाता था इसलिए कनेक्शन नहीं लिया। टंकी चूल्हा लेकर काम चलता था। अब 8 दिनों से चूल्हों पर काम चल रहा है। ईंधन न मिलने से लोग परेशान हैं।
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LPG Gas Crisis - फोटो : अमर उजाला
दुर्गाकुंड, साकेतनगर, गांधीनगर, उपेंद्रनगर, शुकुलपुरा, शक्तिनगर के हॉस्टलों में लगी भट्ठियां
भेलुपुर क्षेत्र के दुर्गाकुंड, साकेतनगर, गांधीनगर, उपेंद्रनगर, शुकुलपुरा और शक्तिनगर इलाके के हॉस्टलों में गैस सिलिंडर खत्म हो गए हैं। इन क्षेत्रों में करीब 40 हजार बच्चे हॉस्टल में रहते हैं। यहां अब भट्ठियों पर खाना बनने लगा है, रोटियों की संख्या कम करके चावल बढ़ा दिया गया है।उपेंद्रनगर में हॉस्टल का संचालन करने वाले रासबिहारी सिंह ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिल रहा है, दो भट्टियां शुरू करवा दी हैं। रविंद्रपुरी में हॉस्टल चला रहे अभय शंकर ने बताया कि अब भट्ठियों पर खाना तैयार कराया जा रहा है। इसी तरह ब्रह्मानंद नगर के सूरज अग्रवाल ने बताया कि भोजन तैयार करने के लिए दो इंडक्शन लाए गए हैं। 
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