{"_id":"5bae5e48867a557ece01ec95","slug":"bhu-hospital-doctor-march-protest-for-security-in-strike","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बीएचयू अस्पताल: हड़ताल के बीच रेजीडेंट डॉक्टरों ने निकाला शांति मार्च, देखें तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू अस्पताल: हड़ताल के बीच रेजीडेंट डॉक्टरों ने निकाला शांति मार्च, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 29 Sep 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
हड़ताल कर रहे रेजीडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को आईएमएस गेट से बीएचूय सिंह द्वार तक शांति मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा प्रबंध नहीं होंगे और सभी मांगों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में पिछले छह माह में जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की यह दूसरी हड़ताल है। इससे पहले अप्रैल में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र के साथ सर्जरी विभाग में मारपीट के बाद रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। तब भी डॉक्टरों ने तीन दिन तक हड़ताल जारी रखी थी। वर्ष 2012 में पूर्व कुलपति प्रो. लालजी सिंह के कार्यकाल में 15 दिन हड़ताल चली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में छाया सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू और जिला प्रशासन के साथ जूनियर डॉक्टरों की कई चरण की वार्ता हो चुकी है मगर कोई हल नहीं निकला है। हड़ताल कब खत्म होगी, अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीज शुक्रवार को इलाज की उम्मीद में ओपीडी से इमरजेंसी तक भटकते रहे। इनमें से ज्यादातर दूर दराज से आए मरीज थे। कोई दूसरे तल पर तो कोई चौथे-पांचवें तल पर पहुंचा लेकिन वहां भी जब डॉक्टर नहीं मिले तो इमरजेंसी में पहुंचा। यहां भी रेजीडेंट डॉक्टरों के न होने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात
- फोटो : अमर उजाला
इधर, अस्पताल में अब ओपीडी से लेकर वार्ड तक बाउंसरों की तैनाती कर दी गई। इसके अलावा एमएस आफिस से लेकर अस्पताल परिसर में हर चैनल गेट के पास, ओपीडी हाल आदि जगहों पर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं। रेजीडेंट डॉक्टरों ने ही विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के बजाय बाउंसरों की तैनाती की मांग की थी। पहले चरण में हालांकि 30 बाउंसर बुलाए गए हैं।