मौनी अमावस्या का स्नान गुरुवार को सूर्योदय के साथ आरंभ हो गया है। वाराणसी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह-सुबह लोग गंगा स्नान करने के लिए घाटों पर पहुंच गए और आस्था की डुबकी लगाई। घाटों पर श्रद्धालुओं की अभी भी भीड़ है। इस दौरान मौके पर सुरक्षा-व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मी भी मौजूद हैं।
वाराणसी: मौनी अमावस्या पर घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा में लगाई डुबकी
बन रहा शुभ योग
इस बार श्रवण नक्षत्र में मौनी अमावस्या होने पर ध्वज नाम का शुभ योग बना है। इसके साथ ही पांच राजयोग में यह पर्व शुरू हो रहा है। इस दिन मकर राशि में 6 ग्रह रहेंगे, इनमें से 5 ग्रह श्रवण नक्षत्र में होंगे। सितारों की इस विशेष स्थिति में किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ का कई गुना पुण्य फल मिलेगा। काशी विद्वत परिषद के मंत्री ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि अमावस्या तिथि 10 फरवरी को रात्रि में 12:19 मिनट पर लग गगी, जो 11 फरवरी को रात्रि 11:48 बजे तक रहेगी।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि मौनी अमावस्या पर्व पर बन रहे शशए रुचकए शंखए पर्वत और गजकेशरी राजयोग से ये पर्व और भी खास हो गया है। इन शुभ योगों में किए गए स्नान से जाने.अनजाने हुए पाप खत्म हो जाते हैं और मोक्ष मिलता है। इन शुभ योगों में किए गए सामान्य दान से कई यज्ञों और 6 तरह के महादान का पुण्य फल मिलता है। मौनी अमावस्या पर्व पर इससे पहले ऐसी स्थिति 4 फरवरी 1962 में बनी थी। जब मकर राशि में ये सभी ग्रह थे।
मौनी अमावस्या पर सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ये छह ग्रह मकर राशि में रहकर षडग्रही योग बनाएंगे। मकर राशि के स्वामी शनिदेव हैं। जिन लोगों को साढ़ेसाती और ढय्या हैए साथ ही राहु-केतु से भी परेशान हैं उन्हें माघ महीने की अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करना चाहिए। इस दिन ध्वज योग का होना भी विशेष शुभ फल देने वाला रहेगा।
गुरुवार को अमावस्या होना शुभ
पं. मिश्र ने बताया कि गुरुवार को श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र में मौनी अमावस्या रहेगी। जिससे ध्वज और श्रीवत्स नाम के 2 शुभ योग भी रहेंगे। ज्योतिष के संहिता ग्रंथों के मुताबिकए बृहस्पति वार को अमावस्या होना शुभ माना गया है। इस बार अमावस्या पर बृहस्पति और चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में रहेंगे। जिससे गजकेसरी योग बन रहा है। इस कारण ये पर्व और भी शुभ हो गया है। इन शुभ योगों के कारण सितारों के अशुभ असर में कमी आएगी।
