उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में एकतरफा प्यार में नाकाम होने पर सिरफिरे ने शहर कोतवाली क्षेत्र के तारापुर मोहल्ला निवासी किशोरी की मां-बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी। एकतरफा प्यार में नाकाम होने पर अब्दुल हैवान बन गया था। उसने मां-बेटी को तो गला घोंटकर मारा ही, मासूम बच्चे पर भी तरस नहीं खाया। उसने बच्चे की हत्या तो नहीं की, लेकिन उसे नींद के इंजेक्शन देकर लगातार बेहोश ही रखा। इंजेक्शन का असर खत्म होने के बाद जैसे ही उसे होश आता, अब्दुल उसे फिर से इंजेक्शन लगा देता। पिछले 15 दिनों में कई इंजेक्शन लगने से मासूम की कलाई पर काला निशान बन गया था। हैरानी की बात रही कि अब्दुल की इस हैवानियत की पूरी जानकारी उसकी मां-बहन को भी थी, लेकिन किसी ने पुलिस को कुछ नहीं बताया। अब्दुल के साथ उन्हें भी गिरफ्तार किया है।
एकतरफा प्यार में डबल मर्डर: नाकाम होने पर हैवान बन गया था अब्दुल, इंजेक्शन लगाकर मासूम को करता था बेहोश
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तारापुर मोहल्ला निवासी मयसर ने 16 मार्च को पुलिस को तहरीर दी कि पड़ोसी अब्दुल उर्फ पुल्लू (32), उसकी पत्नी (40), छोटी बेटी (12) और बेटा मुहम्मद (6) को भगा ले गया है। पुलिस ने अब्दुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि महिला दोनों बच्चों के साथ अपने पहले पति के पास बनारस गई है। पुलिस ने वहां जानकारी की तो पता चला कि तीनों यहां आए ही नहीं थे। इस बीच अब्दुल ने 21 मार्च को रिश्तेदारी में गई महिला की बड़ी बेटी (17) को फोन कर धमकी दी कि अगर उसने उससे शादी नहीं की तो वह उसकी मां-बहन व भाई की हत्या कर देगा।
हत्यारोपी का ऑडियो वायरल हुआ तब हरकत में आई पुलिस
पत्नी, बेटी और बेटे के अपहरण का आरोप लगाते हुए मयसर ने 16 मार्च को ही पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस गंभीर नहीं हुई। वह यही कहती रही कि महिला अपनी मर्जी से गई है लौट आएगी। 21 मार्च को अब्दुल ने मृतका की बेटी को फोन कर धमकी दी। किशोरी की सूचना और उसका ऑडियो वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई और सर्विलांस की मदद से आरोपी तक पहुंच गई।
परिवार संग मुंबई भागने वाला था अब्दुल
मां-बेटी की हत्या कर दोनों शवों को अपने घर में दफनाने के बाद यहां से भागकर अंबेडकर नगर में किराए के मकान में छिपा अब्दुल मुंबई भागने वाला था। इसके लिए उसने एक ट्रेवेल एजेंट को टिकट के लिए पैसे दे रखे थे। बृहस्पतिवार शाम किसी ट्रेन से उसे रवाना होना था। किंतु पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे बुधवार रात दबोच लिया।
अब्दुल तक ऐसे पहुंची पुलिस
जौनपुर। अब्दुल अंबेडकरनगर में घनी मुस्लिम आबादी के बीच रह रहा था। लिहाजा पुलिस ने पूरी योजना बनाकर काम किया। दो महिला कांस्टेबल को बुर्का पहनाकर सादे वेश में पुरुष पुलिसकर्मी के साथ मकान की तलाश में उस इलाके में भेजा गया। लोकेशन के आधार पर वे उसी मकान में किराए पर कमरा लेने पहुंचे। अब्दुल को देखते ही पुलिस को सूचना दी। भारी फोर्स वहां पहुंची तो अब्दुल की मां छत से कूदकर भागने लगी। पुलिस ने घेरेबंदी कर तीनों को पकड़ा लिया।