वर्ष का पहला गुरू पुष्य योग गुरुवार को बन रहा है। यह पूरे दिन और रात तक रहेगा। गुरु पुष्य नक्षत्र के संयोग में खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है और लंबे समय तक इसका फायदा मिलता है। इस दिन पौष महीने की शाकंभरी पूर्णिमा भी रहेगी। इस पर्व पर तीर्थ-स्नान और दान करने से अक्षय फल मिलेगा।
वाराणसी में दशाश्वमेध घाट सहित बाकी गंगा घाटों पर लोग स्नान कर रहे हैं। साथ ही सूर्य की पूजा कर रहे हैं। घाटों पर लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि गुरुवार को पुष्य नक्षत्र सूर्योदय से रात 3:50 बजे तक रहेगा। चंद्रमा अपनी ही राशि यानी कर्क में रहेगा, जिससे इस दिन की शुभता और बढ़ जाएगी। ऐसे शुभ योग में भूमि, भवन और वाहन खरीदी के साथ ही नया कारोबार शुरू करना श्रेष्ठ होता है।
इस दौरान सुविधानुसार किसी भी समय खरीदारी की जा सकती है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीज लंबे समय तक टिकती है और उसका फायदा कई दिनों तक मिलता है। पूर्णिमा का व्रत रखने से आर्थिक संकट भी दूर होता है। पूर्णिमा तिथि के दौरान पूजा-पाठ के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक समय शुभ रहेगा। ये साल का पहला गुरु पुष्य योग है।
इस साल 3 बार और बनेगा गुरु पुष्य संयोग
गुरु पुष्य संयोग साल में 3 या 4 बार ही बनता है। इस साल 28 जनवरी के बाद ये संयोग 25 फरवरी को फिर बनेगा। लेकिन दोपहर करीब 1:15 तक ही रहेगा। इसके बाद दीपावली के पहले 28 अक्टूबर को पूरे दिन और 25 नवंबर को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ये शुभ संयोग बना रहेगा।