सब्सक्राइब करें

PHOTOS: काशी में 38 साल के बाद हुई घुड़दौड़ स्पर्धा, राजस्थानी नस्ल का शक्ति 148 सेकंड में 4000 मीटर दौड़ा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 31 Mar 2026 03:46 PM IST
सार

Varanasi News: काशी में 38 साल के बाद घुड़दौड़ स्पर्धा हुई। इस दौरान राजस्थानी नस्ल के शक्ति ने 148 सेकंड में 4000 मीटर दौड़ लगाई। 5000 दर्शकों की तालियां गूंजी।

विज्ञापन
Horse Racing Competition Held in Kashi After 38 Years see latest photos in Varanasi
काशी में घुड़दौड़ स्पर्धा - फोटो : अमर उजाला

काशी में 38 साल के बाद सोमवार को हुई 4000 मीटर की घुड़दौड़ प्रतियोगिता में राजस्थानी नस्ल का शक्ति विजेता हुआ। चार किलोमीटर की इस रोमांचक दौड़ को हरि नारायण के राजस्थानी घोड़े शक्ति ने मात्र 2 मिनट 28 सेकंड, यानी कि 148 सेकंड में पूरा कर लिया। परमानंदपुर स्थित मिनी स्टेडियम में विकास इंटर कॉलेज की ओर से आयोजित बाबू आरएन सिंह स्मृति घुड़दौड़ प्रतियोगिता में करीब आधे घंटे तक 10 घोड़ों के टाप और 5000 दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं। रेस में शीर्ष तीन घोड़े राजस्थान के ही थे। बाकी कठियावाड़ी और अन्य नस्ल के घोड़े भी थे।

Trending Videos
Horse Racing Competition Held in Kashi After 38 Years see latest photos in Varanasi
काशी में घुड़दौड़ स्पर्धा - फोटो : अमर उजाला
बाबू आरएन सिंह स्मृति प्रतियोगिता में कुल तीन चरण, यानी कि 5-5 लैप (चक्कर) के दो राउंड की घुड़दौड़ के बाद छह लैप के फाइनल में विजेता की घोषणा हुई। शक्ति के बाद मारवाड़ी नस्ल के रॉकेट और शेरू ने भी तेज दौड़ दिखाई और दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे। दूसरे स्थान पर गौरव यादव के घोड़े रॉकेट ने 3 मिनट 40 सेकंड में और सौरभ के घोड़े शेरू ने 4 मिनट में दौड़ पूरी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Horse Racing Competition Held in Kashi After 38 Years see latest photos in Varanasi
काशी में घुड़दौड़ स्पर्धा - फोटो : अमर उजाला
पहले और दूसरे राउंड में 5-5 घुड़सवारों ने भाग लिया और हर राउंड में पांच लैप की दौड़ कराई गई। इन दोनों राउंड के टॉप-2 घुड़सवारों को फाइनल राउंड में जगह मिली। तीसरा, यानी कि फाइनल राउंड के निर्णायक मुकाबले में छह लैप की लंबी और एडवेंचर से भरी दौड़ हुई, जिसमें विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान का फैसला हुआ। हर राउंड के साथ प्रतिस्पर्धा पहले से कड़ी होती गई और दर्शकों में रोमांच पैदा हुआ।

इसे भी पढ़ें; UP Crime: आर्मी अफसर बनकर युवाओं को नौकरी दिलाने का देता था झांसा, धोखाधड़ी के आरोपी को एसटीएफ ने दबोचा
Horse Racing Competition Held in Kashi After 38 Years see latest photos in Varanasi
काशी में घुड़दौड़ स्पर्धा - फोटो : अमर उजाला
इन्होंने दिखाई हरी झंडी
उत्तर प्रदेश एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब की अध्यक्ष डॉ. आशा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता की शुरुआत की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. एके सिंह, जिला ओलंपिक संघ के सचिव डॉ. शम्स तबरेज, कोषाध्यक्ष विजय कुमार और मंडलीय क्रीड़ा सचिव राजेश सिंह सहित कई खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Horse Racing Competition Held in Kashi After 38 Years see latest photos in Varanasi
काशी में घुड़दौड़ स्पर्धा - फोटो : अमर उजाला
काशी में एडवेंचर स्पोर्ट्स का रास्ता खुला
प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक इतिहास तक घोड़े किसी राज्य की शक्ति, वीरता और सामरिक कौशल के प्रतीक माने जाते रहे हैं। घुड़दौड़ की परंपरा भारतीय इतिहास में राजपूत और मराठा काल से जुड़ी रही है। आयोजकों ने कहा कि काशी में इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन पहली बार हुआ, जो भविष्य में काशी में एडवेंचर स्पोर्ट्स के रास्ते खोल देगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed