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काशी तमिल संगमम: पं. राजेश्वर बोले- काशी में आते ही प्रकट होता है आध्यात्मिक सत्य और मिट जाता है अहंकार

Sat, 06 Dec 2025 05:43 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 06 Dec 2025 05:43 AM IST
सार

Varanasi News: काशी तमिल संगमम 4.0 के शैक्षणिक सत्र में पं. राजेश्वर आचार्य ने कहा कि काशी में जो आया, फिर वह कभी पराया नहीं रहता। वहीं, बीएचयू के पं. ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में पूरे दिन पैनल चर्चा और छात्र-छात्राओं से संवाद हुआ।

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Kashi Tamil Sangamam Pt. Rajeshwar Spiritual truth is revealed and ego disappears soon one arrives in Kashi
कार्यक्रम को शुभारंभ करते अतिथिगण। - फोटो : अमर उजाला

Kashi Tamil Sangamam 4.0: काशी तमिल संगमम 4.0 में 200 से ज्यादा शिक्षक प्रतिनिधियों ने बीएचयू में शैक्षणिक कार्यक्रम में हिस्सेदारी की। अलग-अलग विभागों में काशी और तमिलनाडु की आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराओं को समझा। हिंदी विभाग, आईयूसीटीई, आईआईटी बीएचयू और महामना आर्काइव को देखकर बीएचयू की महान परंपराओं को महसूस किया।

Kashi Tamil Sangamam Pt. Rajeshwar Spiritual truth is revealed and ego disappears soon one arrives in Kashi
नमो घाट पर सांस्कृतिक आयोजन। - फोटो : अमर उजाला

पं. ओंकार नाथ ठाकुर सभागार में एकेडमिक कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता पद्मश्री पं. राजेश्वर आचार्य ने तमिल शिक्षकों से कहा कि काशी में जो आया, फिर वह कभी पराया नहीं रहता। काशी इसलिए शाश्वत है क्योंकि यहां आने वाला अहंकार त्याग देता है। उसके अंदर आध्यात्मिक सत्य का प्रकट होने लगता है। 

सदियों से दक्षिण के लोग काशी आते रहे और संस्कृति में रच बस गए। इस शहर ने कभी भी ऊंच-नीच के भाव से नहीं देखा। यहां पर सामूहिक भक्ति दिखती है। आगे कहा कि दक्षिण के मंदिरों में मूर्तियों नहीं बल्कि मूर्तियों के मंदिर बनाए गए हैं। 

Kashi Tamil Sangamam Pt. Rajeshwar Spiritual truth is revealed and ego disappears soon one arrives in Kashi
युवतियों ने डांस की दी प्रस्तुति। - फोटो : अमर उजाला

योगी रामसूरतकुमार आश्रम से आईं अनाहीता सिधवा ने कहा कि 1959 में तमिलनाडु और उत्तर भारत के बीच एक आध्यात्मिक सेतु बना था। बलिया के योगी रामसूरतकुमार की साधना उन्हें दक्षिण भारत ले गई। लेकिन उन्हें बाबा विश्वनाथ से ही आध्यात्मिक दिशा मिली थी।

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Kashi Tamil Sangamam Pt. Rajeshwar Spiritual truth is revealed and ego disappears soon one arrives in Kashi
बीएचयू में तमिल मेहमानों को जानकारी देते हुए। - फोटो : अमर उजाला

जुड़वा भी एक जैसे नहीं तो संस्कृति कैसे
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि दुनिया में कोई दो व्यक्ति एक जैसे नहीं होते। यहां तक कि जुड़वा भी नहीं। इसी तरह संस्कृतियां भी एक जैसी नहीं हो सकतीं। प्रश्न ‘समानता’ का नहीं, बल्कि ‘एकत्व’ के उत्सव का है। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय की उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। आईआईटी बीएचयू के प्रो. राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि संगमम नई भाषा, नई दोस्ती और नई समझ का सार है। शिक्षा संकाय की डीन प्रो. अंजली बाजपेई ने कहा कि बीएचयू “ज्ञान राजधानी” के रूप में अविराम प्रगति कर रहा है।

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अतिथियों का हुआ सम्मान। - फोटो : अमर उजाला

सीएचएस और रणवीर संस्कृत स्कूल भी गए डेलीगेट्स
सत्र के बाद तमिलनाडु से आए शिक्षकों का समूह कमच्छा स्थित सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल और रणवीर संस्कृत विद्यालय पहुंचा। यहां विद्यालय परिसर के प्राचीन मंदिर के दर्शन के बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-संगीत के रंगारंग कार्यक्रम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्राचार्य आनंद कुमार जैन ने विद्यालय की ऐतिहासिक विरासत का परिचय कराया।

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