भागदौड़ भरी जिंदगी में आम हो चुकी घुटनों में दर्द की समस्या से जल्द लोगों को निजात मिल सकेगी। अब न रोजाना दर्द की दवा लेने की जरूरत और ना ही घुटने का ऑपरेशन कराने का झंझट, केवल एक इंजेक्शन से ही घुटने का दर्द खत्म हो जाएगा। आगे की स्लाइड में जानें कब तक बाजार में आ जाएगा यह इंजेक्शन...
एक इंजेक्शन से खत्म हो जाएगा घुटने का दर्द, जानें और क्या है खासियत
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आईआईटी बीएचयू और आईएमएस बीएचयू ने पांच साल के शोध में इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। शोध का चूहों पर परीक्षण किया जा चुका है। इंसानों पर इसका परीक्षण बाकी है। आईआईटी बीएचयू के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग और आईएमएस के आर्थोपेडिक विभाग ने घुटने के दर्द से लोगों को निजात देने के लिए कार्टिलेज टिशू रिपेयर प्रोडक्ट तैयार किया है।
इसे तैयार करने के लिए एक रिएक्टर मशीन भी बनाई गई है। इस मशीन की मदद से घुटने में पाए जाने वाले कार्टिलेज टिशू आर्टिफिशियल तौर पर बनाया जाता है। ये एक तरह से जीवित कोशिका ही है। बता दें कि घुटने में पाए जाने वाले कार्टिलेज टिशू में खराबी आने से ही घुटने में दर्द की समस्या आती है।
आईआईटी बीएचयू के प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि घुटने में कांड्रोसाइट सेल होती है जिसमें रक्त नहीं पाया जाता। ऐसे में जब घुटना खराब होता है तो रक्त न होने की वजह कोशिकाएं बननी बंद हो जाती हैं। इस स्थिति में घुटने का ऑपरेशन कर वहां नए कार्टिलेज टिशू स्थापित किए जाते हैं।
हमने जो रिएक्टर मशीन बनाई है, उसमें हम इसी कोशिका को दवा के रूप में तैयार करते हैं जिसे कि इंजेक्शन के तौर पर मरीज को लगाया जाएगा। कार्टिलेज टिशू रिपेयर प्रोडक्ट और रिएक्टर मशीन दोनों का ही पेटेंट लिया जा चुका है। शोध में आईएमएस के हड्डी रोग विभाग के प्रो. अमित रस्तोगी, डॉ. भीषम नारायण सिंह, डॉ. शारदा मलिक ने भी सहयोग किया है।