काशी के ओंकारेश्वर खंड में सोमवार रात भगवान विष्णु के स्वागत में मां गंगा 10 मिनट के लिए क्षीरसागर में परिवर्तित हो गईं। एक नाव को शेषनाग की शैया का रूप दिया गया, जिस पर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हुए आशीर्वाद प्रदान करते नजर आए। प्रह्लाद घाट पर सजे इस देवलोक समान अद्भुत दृश्य को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सदियों पुरानी प्रह्लाद की नृसिंह लीला की शुरुआत भगवान विष्णु के क्षीरसागर प्रसंग से हुई। प्रभु का माता लक्ष्मी के साथ शेषनाग की शैया पर विश्राम करना ब्रह्मांड के संतुलन, समृद्धि, बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।
तस्वीरें: 10 मिनट के लिए गंगा बनी क्षीरसागर, नाव पर शेषनाग शय्या से विष्णु ने दिए दर्शन
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 28 Apr 2026 06:51 PM IST
सार
सदियों पुरानी प्रह्लाद की नृसिंह लीला की शुरुआत भगवान विष्णु के क्षीरसागर प्रसंग से हुई। प्रभु का माता लक्ष्मी के साथ शेषनाग की शैया पर विश्राम करना ब्रह्मांड के संतुलन, समृद्धि, बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है।
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