पितृपक्ष की अमावस्या पर घरों से लेकर घाट तक पितरों को नमन किया गया। तिलांजलि देकर पितरों को विदाई दी गई। गंगा के 84 घाटों पर पितृ विसर्जन के अनुष्ठान हुए तो पिशाचमोचन पर त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण किया गया। यहां 16 दिनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा की शांति के लिए अनुष्ठान किए।
Varanasi: गंगा के 84 घाटों पर हुआ तर्पण, पितरों को दी गई विदाई; 16 दिनों में चार लाख से अधिक ने किया श्राद्ध
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बुधवार को सुबह से ही गंगा घाट और कुंडों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। श्रद्धा भाव से गंगा स्नान करने के बाद मुंडन कराकर लोगों ने तर्पण और पिंडदान किया। दोपहर बाद तक यह सिलसिला अनवरत चलता रहा। दोपहर में घाट और कुंडों पर सबसे अधिक भीड़ का दबाव रहा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का हुआ श्राद्ध
विवेकानंद प्रवास स्थल संरक्षण समिति के अधिवक्ताओं ने मानमंदिर घाट पर गंगा के बीच नाव पर भूले बिसरे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का श्राद्ध किया गया। ब्रिटिश काउंसलर अभिमन्यु सिंह ने भी बांके चमार, तिलक मांझी, नीरा आर्य, गंगू मेहतर, वीरा पासी का श्राद्ध तर्पण किया। विनोद भैयाजी के संयोजन में प्रभु नारायण पांडेय, राजेश मिश्र, उदयनाथ शर्मा, दीपक राय कान्हा ने सहयोग किया।