श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नव्य-दिव्य स्वरूप के भव्य लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद देर रात 12:15 बजे अपने संसदीय क्षेत्र काशी घूमने निकले। सीएम योगी के साथ जगह-जगह जाकर बदलते बनारस का निहारा। पहला पड़ाव रहा काशी की हृदयस्थली गोदौलिया चौक। बीच चौराहे पर पीएम मोदी का काफिला रुका। गाड़ी से उतरे और दशाश्वमेध घाट की ओर रवाना हुए।
कुछ दूर पैदल चलने के बाद उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से कई मिनट तक बात की। तभी वहां राजस्थान से आए एक परिवार के एक वर्ष के मासूम बच्चे को देखकर वह अपने आप को रोक नहीं पाए। खूब दुलारा, पुचकारा...। फिर वापसी गोदौलिया की ओर हुई। सुरक्षाकर्मी और मीडियाकर्मी के साथ भारी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात में एक बजकर 13 मिनट पर बनारस रेलवे स्टेशन (मंडुवाडीह) का भी भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। प्रधानमंत्री का फ्लीट स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के सर्कुलेटिंग एरिया में आकर रुका।
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रात में प्रधानमंत्री ने देखा बनारस स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी अपनी काशी यात्रा के दौरान सोमवार आधी रात को अचानक एक बार फिर से विश्वनाथ मंदिर पहुंच गए और फिर वहां से बनारस रेलवे स्टेशन भी पहुंचे। यहां से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री प्लेटफार्म संख्या आठ पर पहुंचे। स्टेशन की व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं को देखना। प्रधानमंत्री करीब 10 मिनट ठहरने के बाद रवाना हुए।
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रात में घूमने निकले पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
पीएम नरेंद्र मोदी शाम को गंगा आरती के बाद रात 12 बजे तक क्रूज पर ही पार्टी नेताओं और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी और बाद में वह गोदौलिया के लिए रवाना हो गए। इस दौरान पीएम मोदी वहां कुछ देर तक टहलते रहे और निर्माण कार्य का मुआयना करते रहे।
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रात में घूमने निकले पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (धाम) का शुभारंभ और देश भर से आए 12 मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने के लिए अपने दो दिवसीय दौरे पर काशी प्रवास पर हैं। सोमवार रात प्रधानमंत्री बरेका स्थित ऑफिसर्स गेस्ट हाउस में ठहरे।
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रात में घूमने निकले पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
गोदौलिया में राजस्थान से आए एक परिवार के मासूम को देख पीएम मोदी अपने आप को रोक नहीं पाए। पिता की गोद में बैठे बच्चे के पास जाकर खूब लाड़ जताया, दुलारा और पुचकारा।