{"_id":"5c1ca821bdec2257267113b5","slug":"shiva-lingam-thrown-in-dump-is-just-in-under-plan-of-communal-disharmony","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तो क्या धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए मलबे में फेंके गए शिवलिंग, खुलासे के करीब पहुंची पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो क्या धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए मलबे में फेंके गए शिवलिंग, खुलासे के करीब पहुंची पुलिस
Fri, 21 Dec 2018 02:15 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 21 Dec 2018 02:15 PM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के एक खाली प्लॉट में मलबे से शिवलिंग मिलने के बाद से सनसनी मची हुई है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने दावा किया है कि यह कृत्य धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश है। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया है। साथ ही एसएसपी को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, इस मामले में पुलिस को कुछ खास हाथ लगा है जिससे इस पूरे मामले का पटाक्षेप होगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
varanasi
- फोटो : amar ujala
वाराणसी एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मोहल्ले के मकान से तोड़फोड़ के दौरान यह मूर्तियां निकली थी। मूर्तियां रोहित नगर के खाली प्लॉट में क्यों फेंकी गई इस मामले में संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। पूरी संभावना है कि एक दो दिन में इस साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मंडलायुक्त ने दावा किया कि धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश रची गई थी। प्रकरण को राजनीतिक रंग देकर वाराणसी का माहौल खराब करने की तैयारी की गई थी। साजिश में शामिल लोगों की गोपनीय जांच कराई जा रही है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि लंका क्षेत्र के रोहित नगर विस्तार स्थित खाली प्लॉट में मलबे में फेंके गए शिवलिंग जिस दुकान से लाए गए हैं, उसका पता लगा लिया गया है। कुछ लोग लगातार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के काम में बाधा डालने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
अचानक इतनी संख्या में शिवलिंग मिलने के बाद उन्हीं लोगों को सूचना मिली जो कॉरिडोर का विरोध कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि प्लॉट में मिले सभी शिवलिंग नए हैं, एक ही पत्थर से बनाए गए हैं। कमिश्नर ने कहा कि बीते पांच महीने से कॉरिडोर से निकला मलबा राजघाट में कर्मचारियों की निगरानी में फेंका जाता है। काशी का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मूर्तिकारों का कहना है कि शिवलिंग पुराने जरूर हैं, लेकिन इनमें से एक भी शिवलिंग स्थापित नहीं किया गया है। उधर, प्रशासन ने एक बार फिर मलबा मंदिर कॉरिडोर का होने से इंकार किया है तो धरना प्रदर्शन करने वाले लोग मंदिर प्रशासन पर ही आरोप लगा रहे हैं।