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Morena Train Accident: एक अफवाह और उजड़ गया परिवार, मां-बेटे की मौत; मुरैना ट्रेन हादसे की इनसाइड स्टोरी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 07:32 AM IST
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सार
मुरैना में ट्रेन के भीतर मोबाइल से धुआं उठने पर आग लगने की अफवाह फैल गई, जिससे भगदड़ मच गई। इसी अफरातफरी में आगरा की आफरीन और उनका चार वर्षीय बेटा असद दूसरी ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवा बैठे।
मुरैना में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मुरैना में ट्रेन में हादसा एक अफवाह की वजह से हो गया। लोगों ने एक यात्री के मोबाइल में धमाका सुना, धुआं उठा तो अफरातफरी मच गई। किसी ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन रुकते ही यात्री एक-दूसरे पर पैर रखकर भागने लगे। बच्चे और महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। ट्रेन से उतरे ही थे कि दूसरे ट्रैक पर दूसरी ट्रेन आ गई। ट्रेन लोगों को चपेट में लेते हुए निकल गई। काफी देर बाद घायलों को मदद मिल सकी।
ट्रेन हादसे में न्यू आगरा के करबला निवासी आफरीन और उनके बेटे असद की भी माैत हुई। आफरीन के पति नदीम भी माैजूद थे। वह हादसे के बाद से सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन के इंजन के पास ही जनरल बोगी में सवार थे। काफी भीड़ थी। वह गेट के पास बैठे थे। पत्नी आफरीन चार साल के बेटे असद के साथ बैठी थीं। वहीं बड़ा बेटा रिजवान सीट पर ऊपर बैठा हुआ था। अचानक किसी यात्री के मोबाइल के फटने से धमाका हो गया। किसी ने शोर मचाया कि आग लग गई। भागो-भागो कहने लगे। उन्होंने देखा एक तरफ से धुआं निकल रहा था, वो भी घबरा गए।
उन्हें लगा कि दूर हो जाना चाहिए। मगर ट्रेन चल रही थी। तभी एक यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन के ब्रेक लगाने पर यात्री तेजी से बाहर की तरफ भागने लगे। इस दाैरान कई महिलाएं, बच्चे लोगों के पैरों के नीचे आ गए। कई लोगों को भागने का माैका भी नहीं मिला। पूरी बोगी में अफरातफरी मच गई। यात्रियों को दरवाजे से निकलने में भी परेशानी हो रही थी। किसी तरह बाहर की तरफ निकल रहे थे। उन्होंने पत्नी और छोटे बेटे को गेट से बाहर खड़ा कर दिया।
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उन्हें बड़ा बेटा नजर नहीं आया। इस पर पत्नी और बेटे को बाहर खड़ा कर अंदर बड़े बेटे को तलाशने के लिए चले गए। तभी ट्रैक पर ट्रेन आ गई और आफरीन और असद ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना के काफी देर बाद मदद मिल सकी। रात में शवों को पोस्टमार्टम के लिए आगरा लेकर आए।
ट्रेन हादसे में न्यू आगरा के करबला निवासी आफरीन और उनके बेटे असद की भी माैत हुई। आफरीन के पति नदीम भी माैजूद थे। वह हादसे के बाद से सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन के इंजन के पास ही जनरल बोगी में सवार थे। काफी भीड़ थी। वह गेट के पास बैठे थे। पत्नी आफरीन चार साल के बेटे असद के साथ बैठी थीं। वहीं बड़ा बेटा रिजवान सीट पर ऊपर बैठा हुआ था। अचानक किसी यात्री के मोबाइल के फटने से धमाका हो गया। किसी ने शोर मचाया कि आग लग गई। भागो-भागो कहने लगे। उन्होंने देखा एक तरफ से धुआं निकल रहा था, वो भी घबरा गए।
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उन्हें लगा कि दूर हो जाना चाहिए। मगर ट्रेन चल रही थी। तभी एक यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन के ब्रेक लगाने पर यात्री तेजी से बाहर की तरफ भागने लगे। इस दाैरान कई महिलाएं, बच्चे लोगों के पैरों के नीचे आ गए। कई लोगों को भागने का माैका भी नहीं मिला। पूरी बोगी में अफरातफरी मच गई। यात्रियों को दरवाजे से निकलने में भी परेशानी हो रही थी। किसी तरह बाहर की तरफ निकल रहे थे। उन्होंने पत्नी और छोटे बेटे को गेट से बाहर खड़ा कर दिया।
उन्हें बड़ा बेटा नजर नहीं आया। इस पर पत्नी और बेटे को बाहर खड़ा कर अंदर बड़े बेटे को तलाशने के लिए चले गए। तभी ट्रैक पर ट्रेन आ गई और आफरीन और असद ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना के काफी देर बाद मदद मिल सकी। रात में शवों को पोस्टमार्टम के लिए आगरा लेकर आए।