{"_id":"6a8132e53928c0bf6003a907","slug":"action-taken-against-lekhpal-who-marked-living-elderly-pensioners-as-deceased-during-pension-verification-proc-2026-08-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार की सारी हदें पार: लेखपाल ने किया ऐसा खेल, 200 रुपये के लिए जीते जी मार दिए सात बुजुर्ग; जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार की सारी हदें पार: लेखपाल ने किया ऐसा खेल, 200 रुपये के लिए जीते जी मार दिए सात बुजुर्ग; जांच शुरू
Sun, 16 Aug 2026 09:18 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 16 Aug 2026 09:18 AM IST
सार
रिश्वत ने देने पर बुजुर्गों को पेंशन के लिए किए गए सत्यापन में मृत दिखा दिया गया। मामला उजागर होने के बाद लेखपाल पर कार्रवाई की गई है। साथ ही विभाग की ओर से मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
जिंदा होने की देनी पड़ रही गवाही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रिश्वत न मिलने पर जीवित सात बुजुर्गों को सत्यापन रिपोर्ट में मृत दिखाने वाले लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच बैठ गई है। बसई मुस्तकिल क्षेत्र का चार्ज हटाने के साथ ही उसे आरके (रजिस्ट्रार अभिलेखागार) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पीड़ित सातों बुजुर्गों की पेंशन भी नहीं रुकेगी।
सदर तहसील के लेखपाल सत्यदीप ने वृद्धावस्था पेंशन के वार्षिक सत्यापन में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी थीं। उसने सत्यापन के लिए सूची जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालक को दे दी थी। सीएससी संचालक ने लाभार्थियों से लेखपाल के नाम पर 200 रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने वाले सात बुजुर्गों को मृत घोषित कर दिया था। लेखपाल ने सत्यापन रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को भेज दी थी।
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया था कि सातों बुजुर्ग जीवित हैं। रिश्वत न देने के कारण गलत रिपोर्ट लगाकर उन्हें कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। 14 अगस्त के अंक में रिश्वत नहीं मिली तो सात बुजुर्गों को ओढ़ा दिया कागजी कफन शीर्षक से अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई तो खलबली मच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर तहसील के लेखपाल सत्यदीप ने वृद्धावस्था पेंशन के वार्षिक सत्यापन में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी थीं। उसने सत्यापन के लिए सूची जनसेवा केंद्र (सीएससी) संचालक को दे दी थी। सीएससी संचालक ने लाभार्थियों से लेखपाल के नाम पर 200 रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने वाले सात बुजुर्गों को मृत घोषित कर दिया था। लेखपाल ने सत्यापन रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को भेज दी थी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया था कि सातों बुजुर्ग जीवित हैं। रिश्वत न देने के कारण गलत रिपोर्ट लगाकर उन्हें कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। 14 अगस्त के अंक में रिश्वत नहीं मिली तो सात बुजुर्गों को ओढ़ा दिया कागजी कफन शीर्षक से अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई तो खलबली मच गई।
विज्ञापन
एसडीएम सदर विक्रम राघव ने राजस्व और समाज कल्याण विभाग की पांच सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की। समिति की जांच में मामला सही मिलने पर लेखपाल सत्यदीप के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही ताजगंज और कटरा फुलेल में फिर से सत्यापन कराने के आदेश दिए गए।
विभागीय जांच जारी
पांच सदस्यीय समिति की जांच में लेखपाल के सत्यापन की रिपोर्ट गलत पाई गई है। सभी सात लोग जीवित मिले हैं। लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। उसे आरके कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विक्रम राघव, एसडीएम, सदर
जारी रहेगी पेंशन
ताजगंज और कटरा फुलेल में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन दोबारा कराया जाएगा। जिन लोगों को मृत दर्शाया गया था, उनकी पेंशन जारी रहेगी। अन्य कोई खामी मिलेगी तो उसे भी दूर कराया जाएगा। -नागेंद्र पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
पांच सदस्यीय समिति की जांच में लेखपाल के सत्यापन की रिपोर्ट गलत पाई गई है। सभी सात लोग जीवित मिले हैं। लेखपाल के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। उसे आरके कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विक्रम राघव, एसडीएम, सदर
जारी रहेगी पेंशन
ताजगंज और कटरा फुलेल में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन दोबारा कराया जाएगा। जिन लोगों को मृत दर्शाया गया था, उनकी पेंशन जारी रहेगी। अन्य कोई खामी मिलेगी तो उसे भी दूर कराया जाएगा। -नागेंद्र पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी