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अभिभावकों को बड़ी राहत: हर साल नहीं बदलेगी यूनिफॉर्म, किताबों की भी नहीं होगी खास दुकान; DM ने दिए ये निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 29 Mar 2026 11:33 AM IST
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सार

स्कूलों की मनमानी के बीच अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। जिलाधिकारी ने बैठक कर स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चेतावनी दी कि यदि स्कूल प्रबंधन ने निर्देशों की अनदेखी की, तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।

Administration Imposes Ban on Schools Changing Uniforms and Books Every Year
बैठक करते डीएम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, किताबों, यूनिफॉर्म और संसाधनों के नाम पर होने वाला एकाधिकार अब खत्म होगा। हर साल यूनिफॉर्म नहीं बदलेंगे। किताबों-कॉपियों के लिए खास दुकानों पर जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। साथ ही स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर फीस और ड्राइवरों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
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यह सख्त निर्देश शनिवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में दिए। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि स्कूल प्रबंधन ने इन निर्देशों की अनदेखी की, तो उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। सभी स्कूल संचालक और प्रधानाचार्य अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्कूल फीस, शैक्षणिक भ्रमण, परिवहन और अन्य सभी शुल्कों का पूर्ण विवरण दर्ज करेंगे। 
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इसके अलावा वेबसाइट पर प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर, स्कूल वाहनों के ड्राइवरों का विवरण, वाहन परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान, डीआईओएस चंद्रशेखर, बीएसए जितेंद्र गौड़ सहित सभी बीईओ और विभिन्न स्कूलों के संचालक व प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
 

बैठक में यह भी तय हुआ
- यूनिफॉर्म: हर साल यूनिफॉर्म नहीं बदली जाएगी। स्कूल का ‘लोगो’ बाजार में हर जगह सुलभ होना चाहिए ताकि अभिभावक कहीं से भी ड्रेस खरीद सकें। किसी विशिष्ट दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
- किताबें: यदि छात्र के पास पुरानी पाठ्य पुस्तकें हैं, तो उन्हें नई किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। स्कूल के होलोग्राम वाली कॉपियों या किताबों के नाम पर कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं होगी।
- फीस: केवल उपभोक्ता सूचकांक के आधार पर, समिति के अनुमोदन के बाद ही नियमानुसार फीस बढ़ाई जा सकेगी।

 

बिना परमिट वाले वाहनों में आए बच्चे, तो स्कूल जिम्मेदार
परिवहन सुरक्षा पर निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 1 से 15 अप्रैल तक फिटनेस चेकिंग का विशेष अभियान चलाया जाएगा। बिना परमिट और फिटनेस वाले निजी वाहनों से स्कूल आने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि स्कूल ऐसे बच्चों को एंट्री देता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के छात्र यदि वाहन चलाकर स्कूल आते हैं, तो संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य की जवाबदेही तय की जाएगी।
 

आरटीई प्रवेश में कोताही पर होगी एफआईआर
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश न देने की शिकायतों पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने आदेश दिया कि चयनित बच्चों को तत्काल प्रवेश दिया जाए और अभिभावकों से मिलने का समय निर्धारित किया जाए। बच्चों को परेशान करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

शिक्षा हर बच्चे का अधिकार
शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। फीस और सुरक्षा के मानकों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना और कठोर कार्रवाई तय है। -अरविंद मल्लप्पा बंगारी, जिलाधिकारी

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