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'सोना खरीदना बंद करो': पीएम मोदी की अपील से सराफा कारोबार को बड़ा झटका, जानें बाजार पर क्या पड़ेगा असर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 12 May 2026 11:04 AM IST
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सार
प्रधानमंत्री की एक साल तक गैर जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील पर आगरा के सराफा कारोबारी नाराज हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे हजारों कारोबारियों और कारीगरों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।
सोना
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील कि एक साल तक सोने की गैर जरूरी खरीद से बचें...। सराफा कारोबारियों को रास नहीं आ रही। सोना और चांदी व्यापारियों का कहना है कि जब कोई नहीं खरीदेगा सोना तो हमें व्यापार में पड़ेगा रोना। दुकानें बंद कर चाबियां सौंप देंगे। सरकार हमारे लिए भी पेंशन और भत्ता शुरू कराए।
चांदी की मंडी कहे जाने वाले आगरा में प्रतिदिन करीब 10 से 15 किलो सोने की बिक्री होती है। वहीं, हर महीने करीब 5000 किलो चांदी का व्यापार है। सोने के गहने बनाने वाले करीब 2000 से अधिक व्यापारी और 10 हजार से अधिक कारीगर हैं। जबकि 150 से 200 होल सेल सोना कारोबारी हैं। प्रतिदिन सोने का 20 से 25 करोड़ रुपये का जिले में कारोबार है। व्यापारियों का कहना है कि रेट के कारण पहले ही धंधा मंदी से जूझ रहा था। अब इस बयान से रोजी रोटी का संकट खड़ा होगा। सहालग में लोग गहने नहीं बनवाएंगें, तो हम क्या खाएंगे। कुछ व्यापारी इसे सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के लिए सरकार की सोची-समझी रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि व्यापारी विरोध न करें। इसलिए सोना कम खरीदने की अपील कर माहौल बनाया जा रहा है। इससे कारोबार प्रभावित होगा।
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चांदी की मंडी कहे जाने वाले आगरा में प्रतिदिन करीब 10 से 15 किलो सोने की बिक्री होती है। वहीं, हर महीने करीब 5000 किलो चांदी का व्यापार है। सोने के गहने बनाने वाले करीब 2000 से अधिक व्यापारी और 10 हजार से अधिक कारीगर हैं। जबकि 150 से 200 होल सेल सोना कारोबारी हैं। प्रतिदिन सोने का 20 से 25 करोड़ रुपये का जिले में कारोबार है। व्यापारियों का कहना है कि रेट के कारण पहले ही धंधा मंदी से जूझ रहा था। अब इस बयान से रोजी रोटी का संकट खड़ा होगा। सहालग में लोग गहने नहीं बनवाएंगें, तो हम क्या खाएंगे। कुछ व्यापारी इसे सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के लिए सरकार की सोची-समझी रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि व्यापारी विरोध न करें। इसलिए सोना कम खरीदने की अपील कर माहौल बनाया जा रहा है। इससे कारोबार प्रभावित होगा।
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व्यापारियों का पीड़ा...
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की साजिश
आगरा सराफा स्वर्णकार व्यावसायिक कमेटी के संरक्षक राजू मेहरा ने बताया कि सोना नहीं खरीदने की अपील कर सरकार सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना चाहती है। उसके लिए यह रूपरेखा बनाई जा रही है। सराफा कारोबारियों के लिए सरकार को भत्ता और पेंशन शुरू करना चाहिए।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की साजिश
आगरा सराफा स्वर्णकार व्यावसायिक कमेटी के संरक्षक राजू मेहरा ने बताया कि सोना नहीं खरीदने की अपील कर सरकार सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना चाहती है। उसके लिए यह रूपरेखा बनाई जा रही है। सराफा कारोबारियों के लिए सरकार को भत्ता और पेंशन शुरू करना चाहिए।
15 हजार मजदूर होंगे प्रभावित
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि पीएम ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह अपील की है, लेकिन उन्हें आगरा के 15 हजार मजदूरों के बारे में भी सोचना चाहिए। सोना-चांदी का व्यापार नहीं होगा तो कारोबारी और मजदूर दोनों के लिए रोटी रोटी का संकट बढ़ेगा।
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि पीएम ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह अपील की है, लेकिन उन्हें आगरा के 15 हजार मजदूरों के बारे में भी सोचना चाहिए। सोना-चांदी का व्यापार नहीं होगा तो कारोबारी और मजदूर दोनों के लिए रोटी रोटी का संकट बढ़ेगा।
सोना खरीद से बचेगा निवेशक
सराफा कारोबारी तरुन अग्रवाल ने बताया कि इस अपील से वो निवेशक प्रभावित होंगे। जो दो-चार लाख रुपये से निवेश कर ब्रेसलेट, चेन या कोई गहना खरीद लेते थे। सोना और चांदी दोनों व्यापार में मंदी है। जरूरत वाला ग्राहक ही सोने की खरीद करता है।
सराफा कारोबारी तरुन अग्रवाल ने बताया कि इस अपील से वो निवेशक प्रभावित होंगे। जो दो-चार लाख रुपये से निवेश कर ब्रेसलेट, चेन या कोई गहना खरीद लेते थे। सोना और चांदी दोनों व्यापार में मंदी है। जरूरत वाला ग्राहक ही सोने की खरीद करता है।
सोना हमारी सुरक्षा और बचत
आभूषण ज्वेलर्स आनंद प्रकाश ने बताया कि सोना हमारे लिए कोई वस्तु नहीं, बल्कि सुरक्षा, बचत और संस्कृति है। भावनाओं से जुड़ी संपत्ति है। ऐसे में सोच समझकर खरीद करें। वित्तीय संतुलन और आवश्यकता को ध्यान में रखें। शादी विवाह के लिए निवेश जारी रखें।
आभूषण ज्वेलर्स आनंद प्रकाश ने बताया कि सोना हमारे लिए कोई वस्तु नहीं, बल्कि सुरक्षा, बचत और संस्कृति है। भावनाओं से जुड़ी संपत्ति है। ऐसे में सोच समझकर खरीद करें। वित्तीय संतुलन और आवश्यकता को ध्यान में रखें। शादी विवाह के लिए निवेश जारी रखें।