आगरा में शीतगृह मालिक सुरेश चौहान के बेटे सचिन चौहान के अपहरण और हत्या करने के आरोपी हर्ष चौहान और सुमित असवानी काफी अच्छे दोस्त हैं। सुमित ने पूछताछ में पुलिस को जो बताया, उसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। सचिन पर सुमित के 40 लाख रुपये निकल रहे थे। वह बार-बार तगादा कर रहा था। बाद में लौटाने से मना करने पर सुमित और हर्ष ने हत्या की साजिश रची।
आगरा सचिन हत्याकांड: चीन से लौटा था आरोपी कारोबारी सुमित, महंगी गाड़ियों का है शौकीन
पुलिस के मुताबिक, उसके क्लब में हर्ष और सचिन का भी आना-जाना था। इस दौरान सुमित की दोनों से दोस्ती हो गई। हर्ष और सचिन एक साथ ही व्यापार करते थे। ठेकेदारी भी करते थे। इससे सुमित सचिन को पैसा देने लगा। हर्ष भी उसकी गवाही देता था। उस पर 40 लाख रुपये हो गए। आरोपी सुमित ने पुलिस को बताया कि सचिन से वह रकम वापस मांग रहा था। मगर, हर बार वो टालमटोल कर देता। मगर, उसके खर्चों में कोई कमी नहीं आ रही थी।
सचिन ने रुपये देने से मना कर दिया। इस पर सुमित ने हर्ष से कहा। उस पर रुपये वापस दिलाने का दबाव बनाया। हर्ष ने कई बार कहा, लेकिन उसने रकम वापस नहीं की। यह बात हर्ष को भी बुरी लग रही थी। इस पर सुमित असवानी ने हर्ष से बात की। उससे सचिन का अगवा करने की योजना बनाई। कहा कि दो करोड़ की फिरौती मांगेंगे। एक करोड़ खुद रखेगा, एक करोड़ उसे दे देगा। उसे बहाने से बुलाएंगे। सचिन जाल में फंस जाएगा।
डर के कारण नहीं मांगी फिरौती की रकम
आरोपी मनोज बंसल को आरोपियों ने सचिन का मोबाइल लेकर बस में बैठा दिया था। वह कानपुर तक गया। रास्ते में सचिन के मोबाइल पर मां के फोन आ रहे थे। उसने फोन नहीं उठाया। दोस्तों ने उससे कहा था कि दो करोड़ की फिरौती मांग लेना। मगर, मनोज ने डर के कारण रकम नहीं मांगी। सचिन के मोबाइल को कानपुर में इसलिए फेंका था कि पुलिस सचिन की तलाश करे तो समझे कि उसे अपहरणकर्ता कानपुर की तरफ से ले गए हैं। वह पुलिस को भ्रमित करना चाहते थे।
मृतक सचिन के पिता सुरेश चौहान के साझीदार लेखराज सिंह का बेटा हर्ष चौहान बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। इसके साथ ही व्यापार भी संभालता था। सचिन के अपहरण के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। वह पुलिस के आने पर सचिन के बारे में सवाल जवाब करता था। एसटीएफ को भी सचिन के जाने वाले स्थान के बारे में बताया करता था। इसके बाद हत्यारोपियों को भी पुलिस की पल-पल की जानकारी देता था। पहले पुलिस को शक नहीं था। बाद में उसकी गतिविधि से शक हो गया। उस पर नजर रखना शुरू कर दिया। इसमें वह शक के घेरे में आ गया।