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आंखों में झोंकी धूल: दर्ज मुकदमों की भनक तक न लगने दी, ऐसे हासिल किए शस्त्र लाइसेंस; जिलाधिकारी ने किए निरस्त
Mon, 17 Aug 2026 09:00 AM IST
Dhirendra Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 17 Aug 2026 09:00 AM IST
सार
आगरा में आपराधिक मुकदमों की जानकारी छिपाकर असलहा लाइसेंस हासिल करने के मामले में डीएम मनीष बंसल ने आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक अभिप्राय शर्मा के दोनों शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए।
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शस्त्र लाइसेंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
असलहा आवेदन के समय खुद पर दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक अभिप्राय शर्मा के दो शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
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यह प्रशासनिक कार्रवाई न्यू आगरा थाने की आख्या और पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संस्तुति के आधार पर की गई है। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, गणेश नगर, लॉयर्स कॉलोनी निवासी अभिप्राय शर्मा के नाम पर एक रिवाल्वर/माउजर और एक राइफल का लाइसेंस स्वीकृत था। आरोपी के खिलाफ थाना न्यू आगरा में हत्या के प्रयास, मारपीट, 7 सीएलए एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हैं।
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जांच के दौरान प्रशासन के सामने एक और गंभीर तथ्य प्रकाश में आया कि जब आरोपी ने पिस्टल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, तब उसने पूर्व में अपने ऊपर दर्ज प्राथमिकी की जानकारी को छिपा लिया था। उसने आवेदनपत्र के साथ शपथपत्र देकर कोई भी आपराधिक वाद लंबित न होने का झूठा दावा किया था।
इसके अलावा, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की जांच रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट पुष्टि हुई थी कि उसकी लाइसेंसी माउजर पिस्टल से पूर्व में फायरिंग की गई थी। साथ ही असलहा खुद की सुरक्षा के बजाय दूसरों को देने के भी आरोप लगे थे। जिला मजिस्ट्रेट ने इन सभी गंभीर बिंदुओं, पुलिस आख्या और भारतीय आयुध अधिनियम की धारा 17(3)सी व 17(3)डी के स्पष्ट उल्लंघन का गहराई से विश्लेषण किया।
प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि एक शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के पास हथियारों का होना लोक सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और जनहित के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इसके साथ ही डीएम ने प्रशासनिक आदेश के संबंधित थानों को आरोपी के दोनों लाइसेंसी शस्त्र अपने कब्जे में लेकर थाने में जमा कराने और अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने को कहा है।