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UP: चंबल में फंसे मध्यप्रदेश के कांवड़िए, प्रशासन ने मोटर बोट कब्जे में ली; 90 किमी बढ़ा सफर
Mon, 17 Aug 2026 10:09 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:09 AM IST
सार
सोरों से गंगाजल लेकर बटेश्वर में अभिषेक के बाद कैंजराघाट पहुंचे मध्यप्रदेश के कांवड़िए मोटर बोट बंद मिलने से फंस गए। प्रशासन के मोटर बोट कब्जे में लेने के बाद कांवड़ियों को उदी और धौलपुर के रास्ते जाना पड़ा, जिससे यात्रा 60 से 90 किमी तक बढ़ गई।
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कांवड़िए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मध्यप्रदेश के साहस पुरा नगरा से बाह के कैंजराघाट आ रही मोटर बोट रविवार को चंबल नदी में बहकर कच्छपुरा नगरा पहुंच गई थी। मोटर बोट को भिंड प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। सोरों से कांवड़ में गंगाजल भर कर मध्य प्रदेश के कांवड़िए बटेश्वर के ब्रह्मलाल महाराज का अभिषेक कर सोमवार सुबह कैंजराघाट पर पहुंचे। मोटर बोट का संचालन न होने पर उन्होंने रोष व्यक्त किया है।
मंसूरपुरा के देव सिंह, चंदोखर के विक्रम सिंह तोमर, पीहनी के अभिषेक शर्मा, पोरसा के रामू, सौरभ, संदीप, गोलू शर्मा ने बताया कि कांवड़ियों को उदी और धौलपुर के रास्ते जाने को मजबूर होना पड़ा है। कांवड़ यात्रा की दूरी 60 से 90 किमी तक बढ़ गई है। उन्होंने कांवड़ियों को नदी पार कराने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन के कई अधिकारियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग करने का दावा किया।
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मंसूरपुरा के देव सिंह, चंदोखर के विक्रम सिंह तोमर, पीहनी के अभिषेक शर्मा, पोरसा के रामू, सौरभ, संदीप, गोलू शर्मा ने बताया कि कांवड़ियों को उदी और धौलपुर के रास्ते जाने को मजबूर होना पड़ा है। कांवड़ यात्रा की दूरी 60 से 90 किमी तक बढ़ गई है। उन्होंने कांवड़ियों को नदी पार कराने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन के कई अधिकारियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग करने का दावा किया।
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