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Asha Bhosle Death: 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन, ताजमहल से रहा खास रिश्ता; तीन बार आईं थीं आगरा

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 13 Apr 2026 08:45 AM IST
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सार

आशा भोसले का आगरा और ताजमहल से गहरा जुड़ाव रहा, जहां उन्होंने कई बार भ्रमण और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 1965 से 2005 तक उनके आगरा दौरे और सांस्कृतिक जुड़ाव ने शहर के संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई।

Asha Bhosle Timeless Bond with Taj Mahal 40-Year Musical Connection
Asha Bhosle - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 पार्श्व गायिका और हजारों गीतों के जरिये लोगों के दिलों पर राज करने वाली आशा भोसले के निधन से संगीत प्रेमियों में शोक छाया है। आशा भोसले का आगरा और ताजमहल से खास जुड़ाव रहा। 1965 से वर्ष 2005 तक (40 साल तक) ताजमहल उनके साथ बना रहा। वह तीन बार आगरा आईं।
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स्पीड कलर लैब के विजय गोयल बताते हैं कि सबसे पहले 1965 में वह स्वामी हरिदास जयंती के कार्यक्रम में मथुरा में अपनी बहन लता मंगेशकर, भाई हृदयनाथ मंगेशकर और उषा मंगेशकर के साथ आई थीं। लौटते में पूरे परिवार ने ताजमहल का भ्रमण किया। लता मंगेशकर उन दिनों होटल आईटीसी में रुकी हुई थीं जबकि आशा भोसले जल्द ही मुंबई लौट गई थीं। उन्होंने मथुरा में स्वामी हरिदास की समाधि और निधिवन का भ्रमण किया था। स्वामी हरिदास की समाधि पर वह बेहद गंभीर भाव के साथ रहीं। आशा भोसले और उनके परिवार ने निधिवन के पेड़ों के साथ फोटोग्राफी कराई थी।
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1998 में ताज के साए में गाए गीत
इसके बाद वर्ष 1998 में जी टीवी के शो सारेगामापा अंत्याक्षरी की शूटिंग ताजमहल के पीछे कछपुरा में सात दिनों तक चली थीं। उसमें एक दिन पार्श्व गायिका आशा भोसले भी शामिल होने के लिए आई थीं। उत्तर प्रदेश पर्यटन के रिटायर्ड संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार बर्मन के मुताबिक जेपी होटल की शुरुआत तभी हुई थी। इस शो के दौरान ही आशा भोसले एक दिन के लिए आईं थीं। दो शिफ्ट में उसकी शूटिंग का वह हिस्सा बनी थीं और वापस मुंबई लौट गईं। शो के अन्य जज जावेद अख्तर, शबाना आजमी, गिरिजा देवी आदि यहां कई दिन तक रुके थे। जिस दिन सारेगामापा का दर्शक दीर्घा का स्टैंड गिरा था, उससे दो दिन पहले आशा भोसले आगरा में थीं।
 

नए गायक किसी की नकल न करें
तीसरी बार वर्ष 2005 में सैफई महोत्सव के दौरान इटावा से लौटते हुए वह होटल ताज व्यू में रुकी थीं, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत भी की थी। अमर उजाला ने आशा भोसले का वह साक्षात्कार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसमें उन्होंने नवोदित गायकों को सीख दी थी कि वह किसी की नकल न करें।
 

पूरे देश को क्षति
अंत्याक्षरी कार्यक्रम से जुड़े स्पीड कलर लैब के संजय गोयल ने कहा कि उनके निधन से पूरे देश को क्षति पहुंची है। उनके पास पुराने फोटो का कलेक्शन है, जो हमेशा उनकी याद दिलाएंगे।

एक युग का अंत
आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ यूपी अध्यक्ष रिंकू प्रवीण वर्मा ने बताया कि आशा जी का जाना एक युग का अंत है। उनकी आवाज ने न जाने कितनी पीढ़ियों को भावनाओं से जोड़ा है। कलाकारों के लिए वे हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगी। 

भारतीय संगीत की पहचान थीं
आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ यूपी के महासचिव कमलप्रीत सिंह ने कहा कि आशा जी केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की पहचान थीं। उनकी आवाज में विविधता और जीवंतता थी। 

 
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