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बकरीद 2026: डेढ़ लाख में बिका इमरान, आफताब की कीमत ने चौंकाया; बकरों की ऑनलाइन भी हुई खरीदारी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 27 May 2026 09:36 AM IST
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सार
बकरीद को लेकर आगरा की मंडियों में बकरों की खरीद-बिक्री जोर पकड़ रही है, जहां कीमतें 20 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक पहुंच गई हैं। राजस्थान और हरियाणा से आए पशु कारोबारियों की मौजूदगी से बाजार में रौनक बनी हुई है।
बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त का सिलसिला मंगलवार देर रात तक चलता रहा। हींग की मंडी से सदर भट्ठी तक राजस्थान व हरियाणा तक के पशु कारोबारी बकरे लेकर पहुंचे। वहीं ऑनलाइन और फॉर्म से भी बकरों की खरीद की गई। 20 हजार रुपये के शुरुआती दाम से लेकर दो लाख रुपये तक का बकरा मंडियों में बेचा गया। हींग की मंडी में इमरान नामक बकरे को डेढ़ लाख रुपये में खरीदा गया। कुर्बानी के लिए भैंस और भैंसे भी खरीदे गए।
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मुस्लिम इलाकों में कुर्बानी के त्योहार के लिए सबसे ज्यादा बकरों की कुर्बानी दी जाती है। दुंबा को पाक माना जाता है, लेकिन भेड़ और भैंसे की कुर्बानी का चलन है। कई लोग मिलकर एक भैंस खरीदते हैं और फिर उसकी कुर्बानी दी जाती है। भैंसे में पांच से छह तक हिस्सेदार हो जाते हैं। नदीम नूर बताते हैं कि इस बार भैंसे की कुर्बानी ज्यादा दी जाएंगी।
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ताजगंज की मंडी हो या फिर हींग की मंडी, शहजादी मंडी और सदर भट्ठी यहां एक सप्ताह से पशु कारोबारी बकरे लेकर पहुंच रहे हैं। पशु व्यापारी शमीम ने बताया कि पलवल से आए हैं। 25 बकरे लाए थे, सभी बिक गए। इमरान को टीला अजमेरी खां के व्यक्ति ने डेढ़ लाख रुपये में खरीदा। वह बरबरी नस्ल का था। इसी तरह लोहामंडी बाजार में आफताब नामक बकरे की कीमत एक लाख रुपये लगाई गई।
इसे भी खरीद लिया गया। बुधवार की शाम तक बकरों की खरीदारी होगी। हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी बताते हैं कि कुर्बानी का सिलसिला तीन दिन चलता है। सोमवार को बकरों की एक जोड़ी 1.14 लाख रुपये में बेची गई। उन्होंने कहा कि लोग बकरों या अन्य पशुओं की कुर्बानी के बाद उनकी खाल और अवशेष को सड़कों पर नहीं फेंके। ईद भाईचारे का त्योहार है। इसे सादगी और उत्साह के साथ मनाएं।