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UP: 'दाड़ी वाला युवक मुझे लेकर गया', पीड़िता की गवाही ने दिलाई सजा; बच्ची के अपहरण के दोषी को 10 साल कारावास

Mon, 13 Jul 2026 08:08 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Mon, 13 Jul 2026 08:08 PM IST
सार

यूपी के आगरा जिले में अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया था। घर के पास खेल रही चार साल की बच्ची का अपहरण हो गया था। पुलिस की जांच के दाैरान सीसीटीवी फुटेज में एक युवक बच्ची को ले जाता हुआ दिखा था। मामले में कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है।

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Convict sentenced in kidnapping of four year old girl
कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बालिका के अपहरण करने के मामले में अदालत ने महाराष्ट्र के जिला औरंगाबाद क्षेत्र के अबरार कालोनी निवासी शोएब सुलेमान को दोषी पाया। एडीजे-19 लोकेश कुमार ने 10 साल कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। दोषी को सजा दिलाने में पीड़िता की गवाही अहम रही।
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थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार  मोनू ठाकुर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 15 अक्तूबर 2025 की दोपहर उनकी चार वर्षीय पुत्री गोल्डी घर के बाहर खेल रही थी। इसके बाद घर लौटकर नहीं आई। आसपास के क्षेत्र में तलाश करने पर भी कहीं पता नहीं चल सका। बाद में ताजगंज के तांगा स्टैंड के पास स्थित कपड़े की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे तो आरोपी शोएब सुलेमान पुत्री को हाथ पकड़कर ले जाता हुआ दिखाई दिया। आरोपी उन्हें पहले से ही जानता था। 
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थाना ताजगंज पुलिस ने तलाश शुरू की। आगरा कैंट स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी के धौलपुर जाने के बारे में पता चला। टीम वहां पहुंची, पर आरोपी नहीं मिला। वहां से दिल्ली की लाेकेशन मिली। ताजगंज पुलिस ने दिल्ली पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। तब दिल्ली पुलिस ने घटना वाले दिन ही रात 2 बजे आरोपी को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से बालिका को मुक्त कराया। 
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अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में वादी मुकदमा, पीड़ित बालिका, उसकी मां सहित 7 गवाह पेश किए गए। गवाही के दौरान पीड़िता ने अदालत में बने कटघरे के पास जाकर बताया कि काली टोपी व लाल, काली और सफेद टीशर्ट और दाड़ी वाला युवक मुझे लेकर गया था। मैं रो रही थी। आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिए कि पुलिस ने आरोपी की खिनाख्त परेड नहीं कराई। वह सीसीटीवी कैमरे में बालिका को ले जाता हुआ नहीं दिखाई दिया। उसे झूठा फंसाया गया है। सभी गवाह भी पीड़ित के रिश्तेदार हैं।

कैंट स्टेशन से ऑनलाइन टिकट खरीदने पर लगा था आरोपी का सुराग
विवेचक ने बताया कि बालिका के अपहरण के आरोपी की तलाश में पुलिस टीम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही थी। कैंट स्टेशन पर आरोपी ऑनलाइन मशीन से टिकट लेते नजर आया। ऑनलाइन पेमेंट की डिटेल से आरोपी का मोबाइल नंबर मिला। उसकी लोकेशन धौलपुर की तरफ आई। पुलिस की कई टीम पीछा करते हुई गईं। रास्ते में पहुंचने पर उसकी लोकेशन दिल्ली के सुभाष पैलेस की आई। वहां से आरोपी को हिरासत में लेकर बालिका को मुक्त कराया।



 
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