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UP: फार्मर आईडी ने मुश्किल में डाल दिए किसान, गोदामों में पर्याप्त उर्वरक; फिर भी नहीं मिल रही यूरिया-डीएपी
Wed, 22 Jul 2026 10:05 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:05 AM IST
सार
आगरा में खाद वितरण की सख्त प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी बन गई है। खतौनी, आधार और फार्मर आईडी में मामूली त्रुटियों के कारण करीब 55 हजार किसान खाद नहीं खरीद पा रहे हैं।
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डीएपी और यूरिया खाद लेने को लाइन में खड़े किसान। संवाद
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विस्तार
खाद वितरण की जटिल प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी बन गई है। उन्हें छोटी-छोटी कमियों पर खाद की दुकानों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। फसलों के लिए डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरक नहीं मिल पा रहे हैं। वह फसलों को लेकर चिंतित हैं, जबकि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है।
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इस समय खेतों में धान, पालेज, बाजरा व अन्य खरीफ की फसलें लगी हैं। इनमें यूरिया, डीएपी और एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की जरूरत है। उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग रोकने के लिए शासन ने खाद वितरण प्रणाली पर कड़ी निगरानी कर दी है। किसानों को निजी दुकान व सहकारी समितियों से खाद लेने के लिए खतौनी, आधार कार्ड और फार्मर आईडी मांगी जा रही है। जिन किसानों के आधार कार्ड और खतौनी के नाम में मामूली से अंतर है तो खाद नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा किसान का खतौनी में अंश निर्धारण नहीं हुआ है तो उसे खाद नहीं दिया जा रहा है। ये छोटी-छोटी कमियों के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इससे अभी करीब 55 हजार किसान वंचित हैं।
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बमान के किसान रामू सिंह ने बताया कि मेरा चार खसरों में खेत हैं। इनमें से तीन में उपनाम समान है। एक में गलती उपनाम नहीं है। इस कारण फार्मर रजिस्ट्री में पूरा रकबा दर्ज नहीं हो सकने दिक्कत है। उर्वरक विक्रेता से खाद नहीं दे रहे हैं। वहीं मलूपुर के किसान भानु प्रताप ने बताया कि 10 बीघे में बाजरा की फसल लगी है। उसमें यूरिया की आवश्यकता है। लेकिन खतौनी में अंश निर्धारण नहीं हुआ है। इससे फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। दुकानदार अंश निर्धारण कराने के बाद ही खाद देने की कह रहे है।
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जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद है। खाद खरीदने के लिए खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री और आधार कार्ड अनिवार्य है। किसान के अंश और नाम में त्रुटि को सही करा लें, जिससे उनकी फार्मर रजिस्ट्री हो सके और खाद खरीदने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ें।
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