{"_id":"6a6030e9358aa878750e4d7b","slug":"supreme-court-clears-way-for-685-crore-new-highway-from-tedhi-bagiya-agra-to-nuhkhas-etah-up-news-2026-07-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: यूपी को एक और नए हाईवे की सौगात, आगरा से एटा तक बनेगा NH-321G; जानें किन-किन क्षेत्रों से गुजरेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: यूपी को एक और नए हाईवे की सौगात, आगरा से एटा तक बनेगा NH-321G; जानें किन-किन क्षेत्रों से गुजरेगा
Wed, 22 Jul 2026 08:26 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Jul 2026 08:26 AM IST
सार
आगरा के टेढ़ी बगिया से नूंहखास (एटा) तक 51.6 किलोमीटर लंबे एनएच-321जी के निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट से पेड़ कटान की मंजूरी मिलने के बाद साफ हो गया है। 685.51 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।
विज्ञापन
यूपी को एक और नए हाईवे की सौगात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के टेढ़ी बगिया से नूंहखास, एटा तक 51.600 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-321जी) के निर्माण का रास्ता मंगलवार को साफ हो गया। 685.51 करोड़ रुपये की लागत वाले इस टू-लेन प्रोजेक्ट की तकनीकी निविदा 16 जुलाई को खुल चुकी है। टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ काटने की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से पेड़ काटने की अनुमति मिल गई है। इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल भी लगातार शासन से पत्राचार कर रहे थे।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व में 19 मार्च 2024 को इसकी वित्तीय निविदा खोली गई थी, जिसे सड़क परिवहन मंत्रालय ने 7 अगस्त 2025 को निरस्त कर दिया था। इसके बाद 26 फरवरी 2026 को नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। फिलहाल प्रोजेक्ट की भौतिक प्रगति शून्य है। प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भोपाल की एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है।
ये भी पढ़ें - UP: मौत के बाद भी नहीं मिली सुकून की दो गज जमीन, आगरा में श्मशान घाट पर तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार
ये भी पढ़ें - UP: मौत के बाद भी नहीं मिली सुकून की दो गज जमीन, आगरा में श्मशान घाट पर तिरपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन
विज्ञापन
परियोजना में देरी का मुख्य कारण वन विभाग की अनापत्ति (क्लीयरेंस) न मिलना और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला था। संरक्षित वन क्षेत्र के लिए 24 अगस्त 2023 को ही स्टेज-1 की मंजूरी मिल चुकी थी। 27 मई 2026 को हुई पिछली सुनवाई में कोई फैसला नहीं हो सका था। मंगलवार को टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यहाँ से अनुमति मिलने के बाद, अब वन विभाग में स्टेज-2 की क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
ये भी पढ़ें - खाद ने बढ़ाई मुसीबत: लंबी लाइनों में लगे किसान, बीच में ही धोखा दे गया सर्वर; घंटों करना पड़ा इंतजार
ये भी पढ़ें - खाद ने बढ़ाई मुसीबत: लंबी लाइनों में लगे किसान, बीच में ही धोखा दे गया सर्वर; घंटों करना पड़ा इंतजार
राहत की बात यह है कि राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। आगरा में 7 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है और मुआवजे के तौर पर 22.36 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। वहीं, एटा के 13 गांवों में 20.24 करोड़ रुपये की कुल मुआवजा राशि (अवार्ड) में से 16.85 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। शेष 3.39 करोड़ रुपये का वितरण भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से किया जाना बाकी है।
ये भी पढ़ें - UP: आखिर क्यों GIVA ज्वैलरी शोरूम ही था इस गैंग के निशाने पर? करोड़ों के गहने उड़ाए; पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
ये भी पढ़ें - UP: आखिर क्यों GIVA ज्वैलरी शोरूम ही था इस गैंग के निशाने पर? करोड़ों के गहने उड़ाए; पुलिस ने किया बड़ा खुलासा