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UP: फर्जी कॉल सेंटर, ढाई हजार बेरोजगार और दो करोड़ की ठगी; इन चार ठगों के कारनामे जानकर चकरा जाएगा दिमाग
Mon, 10 Aug 2026 09:29 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 10 Aug 2026 09:29 AM IST
सार
किराए के फ्लैट में दो साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन देकर बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाया जाता था। एनसीआरपी पोर्टल पर 15 राज्यों से 100 से ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं और पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल, बैंक पासबुक, कार्ड और क्यूआर कोड बरामद किए हैं।
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युवक-युवतियों को ले जाती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सिक्योरिटी एजेंसी में भर्ती कराने के नाम पर फ्लैट में ऑफिस खोलकर ठगी का कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। सोशल साइट्स पर विज्ञापन देखकर कॉल करने वाले बेरोजगारों को युवतियां जाल में फंसाकर ठगी कर रही थीं। दो साल से देशभर के ढाई हजार से ज्यादा बेरोजगार युवाओं से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी थी। रविवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके दो युवतियों सहित चार को न्यायालय में पेश किया, फिर जेल भेजा।
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ताजगंज के बसई चौकी क्षेत्र स्थित आरके पुरम में फ्लैट में चल रहे कॉल सेंटर में शनिवार रात को पुलिस ने छापा मारा था। दो युवक और दो युवतियों को पकड़ा था। उनसे बड़ी मात्रा में दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप बरामद किए गए थे। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वह बेरोजगार युवाओं से ठगी करते हैं। पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े फर्जी कॉल सेंटर से 15 राज्य के 2,500 से अधिक बेरोजगार युवाओं को इसी तरह शिकार बनाया गया।
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कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां सोशल साइट्स फेसबुक, इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देती थीं। सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड और सुपरवाइजर बनाने के नाम पर 8800 रुपये क्यूआर कोड के माध्यम से खातों में जमा कराए जाते थे। आरोपी एक प्रतिष्ठित कंपनी के नाम से फर्जी विज्ञापन देते थे। जब कोई बेरोजगार युवक कॉल करता था तो कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां बात करती थीं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि युवतियां अपनी बातों के जाल में फंसा लेती थीं। वादा किया जाता था कि 20 से 30 हजार रुपये महीने की नौकरी लगवा दी जाएगी। जब कोई पीड़ित बेरोजगार ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर कर देता था तो खाते को बंद करा दिया जाता था। इसके बाद नया खाता खोल लेते थे। रकम लेने के लिए हर खाते का क्यूआर कोड बताया करते थे। 2 साल से चोरी-छिपे यह काम किया जा रहा था। एनसीआरपी पोर्टल पर 100 से अधिक शिकायत दर्ज होने की बात सामने आई है। जिन लोगों की शिकायत मिलेगी, उनको मुकदमे में शामिल किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
आरोपियों में कहरई मोड़, ताजगंज के अजय कुमार, मारुति सिटी कॉलोनी के तरुण कुमार और कॉल सेंटर में काम करने वाली दो युवतियां भी शामिल हैं। तरुण इस गिरोह का सरगना है। आरोपियों से 10 मोबाइल फोन, 32 बैंक पासबुक, 28 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 8 सिम, 7 आधार कार्ड, 6 पैन कार्ड, दो वोटर कार्ड, 12 क्यूआर कोड स्कैनर, 1 लैपटॉप, कंप्यूटर, 4 मुहर मय स्टाम्प पैड, एसआईएस सिक्योरिटी कंपनी का आइडेंटी कार्ड, सैलरी स्लिप, गेट पास, बैनर, हॉस्टल का फॉर्म, एयर इंडिया का आइडेंटी कार्ड, 4 आधार और पैन कार्ड की कॉपी आदि सामान बरामद किया गया है।
आरोपियों में कहरई मोड़, ताजगंज के अजय कुमार, मारुति सिटी कॉलोनी के तरुण कुमार और कॉल सेंटर में काम करने वाली दो युवतियां भी शामिल हैं। तरुण इस गिरोह का सरगना है। आरोपियों से 10 मोबाइल फोन, 32 बैंक पासबुक, 28 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 8 सिम, 7 आधार कार्ड, 6 पैन कार्ड, दो वोटर कार्ड, 12 क्यूआर कोड स्कैनर, 1 लैपटॉप, कंप्यूटर, 4 मुहर मय स्टाम्प पैड, एसआईएस सिक्योरिटी कंपनी का आइडेंटी कार्ड, सैलरी स्लिप, गेट पास, बैनर, हॉस्टल का फॉर्म, एयर इंडिया का आइडेंटी कार्ड, 4 आधार और पैन कार्ड की कॉपी आदि सामान बरामद किया गया है।
सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में न आएं
पुलिस उपायुक्त आदित्य सिंह ने लोगों से अपील है कि वह सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं। जिस कंपनी का विज्ञापन दिखाया जा रहा है, उस कंपनी के ऑफिस में जाकर पता करें। अगर कोई कॉल करके अच्छे पैकेज पर नौकरी की बात करता है, उसके नाम पर रुपये की मांग करता है तो समझ जाएं कि ठगी होने वाली है। ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आना चाहिए। तत्काल पुलिस की सहायता लेनी चाहिए। हर थाने में हेल्प डेस्क बनी हुई हैं। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।
पुलिस उपायुक्त आदित्य सिंह ने लोगों से अपील है कि वह सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं। जिस कंपनी का विज्ञापन दिखाया जा रहा है, उस कंपनी के ऑफिस में जाकर पता करें। अगर कोई कॉल करके अच्छे पैकेज पर नौकरी की बात करता है, उसके नाम पर रुपये की मांग करता है तो समझ जाएं कि ठगी होने वाली है। ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आना चाहिए। तत्काल पुलिस की सहायता लेनी चाहिए। हर थाने में हेल्प डेस्क बनी हुई हैं। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।
किराये पर लिया था कमरा, युवतियों को मिलता था इंसेटिव
आरोपी अजय कुमार मूलरूप से जैनपुर के थाना सराय ख्वाजा स्थित गांव घनघनुआ और तरुण बिहार के छपरा जिले के थाना मुफस्सिल स्थित मुसहरी का रहने वाला है। वहीं आरोपी युवतियां प्रीति और भावना हैं। वह ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं। तरुण और अजय स्नातक पास हैं। वहीं युवतियां 9 हजार रुपये प्रतिमाह पर नौकरी कर रही थीं। अगर कोई व्यक्ति उनके कहने पर रकम ट्रांसफर कर देता था तो उन्हें इंसेटिव भी दिया जाता था। इससे उन्हें दोगुना फायदा होता था।
आरोपी अजय कुमार मूलरूप से जैनपुर के थाना सराय ख्वाजा स्थित गांव घनघनुआ और तरुण बिहार के छपरा जिले के थाना मुफस्सिल स्थित मुसहरी का रहने वाला है। वहीं आरोपी युवतियां प्रीति और भावना हैं। वह ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं। तरुण और अजय स्नातक पास हैं। वहीं युवतियां 9 हजार रुपये प्रतिमाह पर नौकरी कर रही थीं। अगर कोई व्यक्ति उनके कहने पर रकम ट्रांसफर कर देता था तो उन्हें इंसेटिव भी दिया जाता था। इससे उन्हें दोगुना फायदा होता था।