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पिटाई, दुर्व्यवहार और रिश्वत: पुलिस को खूब पढ़ाए पाठ, फिर भी नहीं बदला खाकी का मिजाज; कम नहीं हुईं शिकायतें
Mon, 10 Aug 2026 10:26 AM IST
Dhirendra Singh
आशीष शर्मा, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
आशीष शर्मा, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 10 Aug 2026 10:26 AM IST
सार
आगरा में जनता से दुर्व्यवहार, पिटाई, रिश्वत और विवेचना में लापरवाही के आरोपों में एक साल में 80 पुलिसकर्मियों को दंडित किया गया, फिर भी शिकायतें कम नहीं हुईं। पुलिसकर्मियों को लगातार शिष्टाचार और जांच का प्रशिक्षण दिए जाने के बावजूद थाने-चौकियों में मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले सामने आ रहे हैं।
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आगरा पुलिस, पुलिस आयुक्त, agra police, police commissioner
- फोटो : संवाद
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विस्तार
वर्दी की हनक ही ऐसी है कि इसे पहनकर रौब गांठने के चक्कर में पुलिस वाले कानून को ताक पर रख देते हैं। समय-समय पर पुलिसकर्मियों को जनता से अच्छे व्यवहार की ट्रेनिंग दी जाती है। किस तरह से जन विश्वास हासिल किया जाए, पढ़ाया जाता है मगर इसके बाद भी खाकी का मिजाज बदलने का नाम नहीं ले रहा है। जनता से दुर्व्यवहार, लापरवाही, रिश्वत लेने के मामलों में सालभर में 80 पुलिसवालों को दंडित किया गया। 39 को चेतावनी पत्र भी जारी हो चुका है। इसके बाद भी वर्दीवालों की शिकायतें कम नहीं हुई हैं। कई जांचें अभी लंबित हैं।
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आगरा कमिश्नरेट के तत्कालीन पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड़ ने पुलिसकर्मियों को शिष्टाचार का पाठ पढ़ाया था। पुलिस लाइन में कार्यशाला आयोजित करके जनता से अच्छे व्यवहार की सीख दिलाई गई। इसके बाद भी कई बार ट्रेनिंग दी गई मगर वर्दीवालों के रवैये में ज्यादा फर्क नहीं आया। थाने-चौकियों में पिटाई के मामले से लेकर रिश्वत की शिकायत भी कैमरे में दर्ज हो चुकी हैं। इसके अलावा विवेचनाओं में सही धाराओं में कार्रवाई नहीं करने पर कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
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पुलिस उपायुक्त सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि विवेचनाओं में लापरवाही, जनता से दुर्व्यवहार, पिटाई, रिश्वत लेने, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर 120 पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत मिली थीं। इनमें से जांच के बाद 80 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। इनको दंडित किया गया। विवेचनाओं में सुधार के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।
वेतन वृद्धि रोकने से लेकर बर्खास्तगी तक
आगरा के सेवानिवृत्त पुलिस उपमहानिरीक्षक महेश मिश्र ने बताया कि पुलिसकर्मी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मारपीट, रिश्वत लेने, विवेचना में लापरवाही, मुकदमे में आरोपी होने का मामला सामने आने पर प्रारंभिक जांच कराई जाती है। राजपत्रित अधिकारी जांच करते हैं। जांच में आरोपी और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जाते हैं। आरोप सही साबित होने पर पुलिस अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की जाती है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए दंड का निर्धारण किया जाता है। दो तरह के दंड किए जाते हैं। इनमें दीर्घ दंड में कर्मचारी को न्यूनतम वेतन, भर्ती वाले पद पर वापसी और बर्खास्तगी तक की जा सकती है। लघु दंड में लाइन हाजिर के बाद निलंबन और 3 साल तक चौकी और थाने का प्रभार नहीं देने की कार्रवाई की जाती है।
आगरा के सेवानिवृत्त पुलिस उपमहानिरीक्षक महेश मिश्र ने बताया कि पुलिसकर्मी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मारपीट, रिश्वत लेने, विवेचना में लापरवाही, मुकदमे में आरोपी होने का मामला सामने आने पर प्रारंभिक जांच कराई जाती है। राजपत्रित अधिकारी जांच करते हैं। जांच में आरोपी और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जाते हैं। आरोप सही साबित होने पर पुलिस अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की जाती है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए दंड का निर्धारण किया जाता है। दो तरह के दंड किए जाते हैं। इनमें दीर्घ दंड में कर्मचारी को न्यूनतम वेतन, भर्ती वाले पद पर वापसी और बर्खास्तगी तक की जा सकती है। लघु दंड में लाइन हाजिर के बाद निलंबन और 3 साल तक चौकी और थाने का प्रभार नहीं देने की कार्रवाई की जाती है।
यह आरोप लगे
1- दिसंबर, 2025 में हत्या के खुलासे के लिए किरावली पुलिस ने किसान को थाने बुलाकर उल्टा लटकाकर पीटा। पिटाई से किसान के दोनों पैर टूट गए। मामले में किरावली थाना प्रभारी नीरज सिंह, दरोगा धर्मवीर और सिपाही रवि मलिक को निलंबित कर दिया।
2- जनवरी, 2026 में छत्ता थाने की जीवनी मंडी चौकी में दरोगा ने दूध विक्रेता को यातनाएं देकर उसके पैर के नाखून तक उखाड़ लिए। उसका टेंपो सीज किया और उसके रुपये और मोबाइल छीन कर उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की थी।
3- अगस्त, 2025 ट्रांस यमुना थाने के पुलिसकर्मियों पर एक महिला ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि चोरी के केस की जानकारी लेने पर थाने में पीटा गया। कपड़े फाड़ दिए। शांति भंग में चालान भी किया गया। महिला दरोगा ने पिटाई की।
4 - मार्च, 2026 में थाना अछनेरा के एक दरोगा का वीडियो वायरल हुआ था। दरोगा पर आरोप लगा था कि वह अपनी डायरी में रिश्वत की रकम ले रहा है। आरोपों के बाद पुलिस उपायुक्त ने दरोगा को निलंबित कर दिया था।
1- दिसंबर, 2025 में हत्या के खुलासे के लिए किरावली पुलिस ने किसान को थाने बुलाकर उल्टा लटकाकर पीटा। पिटाई से किसान के दोनों पैर टूट गए। मामले में किरावली थाना प्रभारी नीरज सिंह, दरोगा धर्मवीर और सिपाही रवि मलिक को निलंबित कर दिया।
2- जनवरी, 2026 में छत्ता थाने की जीवनी मंडी चौकी में दरोगा ने दूध विक्रेता को यातनाएं देकर उसके पैर के नाखून तक उखाड़ लिए। उसका टेंपो सीज किया और उसके रुपये और मोबाइल छीन कर उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की थी।
3- अगस्त, 2025 ट्रांस यमुना थाने के पुलिसकर्मियों पर एक महिला ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि चोरी के केस की जानकारी लेने पर थाने में पीटा गया। कपड़े फाड़ दिए। शांति भंग में चालान भी किया गया। महिला दरोगा ने पिटाई की।
4 - मार्च, 2026 में थाना अछनेरा के एक दरोगा का वीडियो वायरल हुआ था। दरोगा पर आरोप लगा था कि वह अपनी डायरी में रिश्वत की रकम ले रहा है। आरोपों के बाद पुलिस उपायुक्त ने दरोगा को निलंबित कर दिया था।