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UP: गूगल मैप ने बिगाड़ा गांव का नाम, लटक गए सरकारी काम; आधार कार्ड बन रहा है न जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 24 Jun 2026 09:38 AM IST
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सार
फिरोजाबाद में गूगल मैप ने खेला कर दिया है। आकलाबाद हसनपुर की लोकेशन में अकिलाबाद हसनपुर दिखा रहा है। गांव का नाम बिगाड़ने से सरकारी काम लटक गए हैं। इस कारण आधार कार्ड और जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
Google Maps
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
डिजिटल युग की इस दौड़ में गूगल मैप ने कितनों की राह आसान की है लेकिन यूपी के फिरोजाबाद जिले के एक गांव के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। तहसील सदर और ब्लॉक नारखी के तहत आने वाली ग्राम पंचायत का नाम राजस्व अभिलेखों में आकलाबाद हसनपुर है और गूगल मैप पर इस गांव की लोकेशन अकिलाबाद हसनपुर दिखाई देती है। बस नाम की वर्तनी में जरा सी गलती ने पूरे गांव के सरकारी कामकाज को अटका दिया है।
ऑनलाइन पोर्टल (जैसे आधार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाएं) गूगल मैप का डाटा इस्तेमाल करते हैं। जब कोई ग्रामीण ऑनलाइन आकलाबाद डालता है, तो सिस्टम लोकेशन मिलान नहीं कर पाता, क्योंकि उसके डाटाबेस में गूगल का अकिलाबाद दर्ज है।
ऑनलाइन पोर्टल (जैसे आधार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाएं) गूगल मैप का डाटा इस्तेमाल करते हैं। जब कोई ग्रामीण ऑनलाइन आकलाबाद डालता है, तो सिस्टम लोकेशन मिलान नहीं कर पाता, क्योंकि उसके डाटाबेस में गूगल का अकिलाबाद दर्ज है।
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अफसरों ने कागजों पर कर दिया समस्या का निस्तारण
प्रधान नीरज के भाई सोनवीर ने मंगलवार को एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इससे पहले संपूर्ण समाधान दिवस में भी यह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे बीडीओ नारखी को भेजा गया लेकिन जमीनी स्तर पर नाम सुधारे बिना, टेक्निकल टीम ने अपनी रिपोर्ट में गूगल के नाम को सही बताकर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया।
प्रधान नीरज के भाई सोनवीर ने मंगलवार को एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इससे पहले संपूर्ण समाधान दिवस में भी यह शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे बीडीओ नारखी को भेजा गया लेकिन जमीनी स्तर पर नाम सुधारे बिना, टेक्निकल टीम ने अपनी रिपोर्ट में गूगल के नाम को सही बताकर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया।
यह अपनी तरह का पहला मामला है। इसके संबंध में गूगल को पत्र लिखा जाएगा ताकि गांव का सही नाम दर्ज हो सके और लोगों को समय पर उनके दस्तावेज जारी हो सकें। - सतेंद्र सिंह, एसडीएम
ये काम अटक गए
जन्म प्रमाणपत्र : नवजातों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे, जिससे स्कूलों में दाखिले रुक गए हैं।
मृत्यु प्रमाणपत्र : बुजुर्गों व मृतकों के प्रमाण पत्र अटके, जिससे पेंशन, उत्तराधिकार और बीमा जैसे काम ठप हैं।
आधार कार्ड : नए आधार नहीं बन पा रहे और पुराने कार्डों में पता अपडेट होना भी मुश्किल हो गया है।
सरकारी योजनाएं : पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
जन्म प्रमाणपत्र : नवजातों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे, जिससे स्कूलों में दाखिले रुक गए हैं।
मृत्यु प्रमाणपत्र : बुजुर्गों व मृतकों के प्रमाण पत्र अटके, जिससे पेंशन, उत्तराधिकार और बीमा जैसे काम ठप हैं।
आधार कार्ड : नए आधार नहीं बन पा रहे और पुराने कार्डों में पता अपडेट होना भी मुश्किल हो गया है।
सरकारी योजनाएं : पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।